छत्तीसगढ़ताजा ख़बरेंधमतरीब्रेकिंग न्यूज़राज्य

पंजीकृत किसानों की प्रविष्टि का मिलान करने के कलेक्टर ने दिए निर्देश

पंजीकृत किसानों की प्रविष्टि का मिलान करने के कलेक्टर ने दिए निर्देश

WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.27.06 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 8.56.40 PM (1)
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.09.46 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.06.54 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.17.22 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.12.09 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.19.42 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.04.25 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.31.09 PM
WhatsApp-Image-2026-01-04-at-3.52.07-PM-1-207x300 (1)
53037c58-1c56-477e-9d46-e1b17e179e86

धमतरी // खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के तहत समर्थन मूल्य पर धान, मक्का फसल की खरीदी की जानी है। इसके मद्देनजर कलेक्टर सुश्री नम्रता गांधी ने संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के प्रारंभ होने के पूर्व ग्रामवार, बी-1 पाठन, पंजीकृत किसानों की प्रविष्टि का मिलान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के सुचारू संपादन के लिए बिन्दुओं का पालन करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत संबंधित हल्का पटवारी द्वारा ग्राम कोटवार के माध्यम से मुनादी कर ग्रामवार बी-1 पाठन किया जाएगा एवं मृत खातेदारों की पहचान कर संबंधित मृत खातेधारकों के विधिक पक्षकार को फौती नामांतरण प्रक्रिया की जानकारी दिया जाना है। साथ ही 18 अक्टूबर तक ग्रामवार बी-1 पाठन कर पंचनामा तैयार कर संबंधित तहसीलदार के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

पंजीकृत किसानों का बी-1 में प्रविष्टि का किसान किताब की प्रतिष्टि से मिलान, राजस्व न्यायालयों में लंबित अविवादित फौति नामांतरण के प्रकरणों का यथासंगत निराकरण किया जाना है। खरीफ गिरदावरी उपरांत परिशिष्ट 1 में तैयार की गई ग्रामवार/कृषकवार जानकारी का प्रारंभिक प्रकाशन कर दावा-आपत्ति आहूत कर 15 अक्टूबर तक दावा-आपत्ति निराकरण करने और 20 अक्टूबर तक दावा-आपत्ति निराकरण के बाद खसरा पंचशाला एवं सॉफ्टवेयर में प्रविष्टि करना होगा। इसमें यह ध्यान रहे कि वर्तमान में पड़त भूमि में किसी भी प्रकार से फसल की प्रविष्टि न हों एवं किसानों द्वारा अपने खाते की भूमि में धान के अलावा बोये गये अन्य फसलों, रोपित वृक्षों की भूमि, कृषि भिन्न प्रयोजन के लिए प्रयुक्त भूमि, भू-अर्जन की भूमि में किसी भी स्थिति में धान फसल की प्रविष्टि न हो। वन ग्राम से घोषित राजस्व ग्रामों के भूमिधारकों के वनाधिकार किसान किताब की प्रविष्टियों का अभलेख अनुसार दुरूस्त किया जाना है। ऐसे वन से घोषित राजस्व ग्राम, जिसका राजस्व सर्वेक्षण संपन्न किया जा चुका है, के किसानों के वितरण की प्रविष्टि भुईयां व भू-नक्शा सॉफ्टवेयर में अनिवर्य रूप से करने कहा गया है, ताकि धान खरीदी के समय अनावश्यक परेशानी उत्पन्न न हो।

Ashish Sinha

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2026-01-04 at 4.02.37 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.36.04 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.39.12 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.44.45 PM (1)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!