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कलेक्टर ने उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के सफल संचालन एवं क्रियान्वयन के लिए विभागीय समन्वय हेतु अधिकारियों की बैठक ली

कलेक्टर ने उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के सफल संचालन एवं क्रियान्वयन के लिए विभागीय समन्वय हेतु अधिकारियों की बैठक ली

राजनांदगांव // कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिले में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के सफल संचालन एवं क्रियान्वयन के लिए विभागीय समन्वय हेतु बैठक आयोजित की गई।

कलेक्टर ने विभागीय समन्वय से उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम संचालित करने एवं विभागों के सहयोग से असाक्षरों को साक्षर कहा। उन्होंने कहा कि साक्षरता के इस पुनीत कार्य में सभी विभाग अपनी सहभागिता अवश्य दें और जिले को पूर्ण साक्षर करने हेतु अपना सहयोग प्रदान करें।

कार्यक्रम के संबंध में जिला परियोजना अधिकारी श्रीमती रश्मि सिंह द्वारा उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई तथा विभिन्न विभागों द्वारा सहयोग प्रदान करेंगे के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई।

इस अवसर पर अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्रीमती इंदिरा नवीन प्रताप सिंह, संयुक्त कलेक्टर खेमलाल वर्मा, एसडीएम राजनांदगांव अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम डोंगरगढ़ मनोज मरकाम, एसडीएम डोंगरगांव श्रीकांत कोर्राम सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 15 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले उन सभी के लिए पढऩे-लिखने के अवसर उपलब्ध कराना है, जो किन्हीं कारण से साक्षरता और संख्या ज्ञान अर्जित नहीं कर पाए। इस संदर्भ में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की अनुशंसाओं की क्रियान्वयन के लिए 1 अप्रैल 2022 से भारत सरकार द्वारा उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम जिसका लोकप्रिय नाम उल्लास है प्रारंभ किया गया है। जिसमें प्रौढ़ शिक्षा के सभी पक्ष शामिल हैं। इस योजना का उद्देश्य बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान, महत्वपूर्ण जीवन कौशल, व्यावसायिक कौशल, बुनियादी शिक्षा और सतत शिक्षा का विकास है। उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षरों को बुनियादी साक्षरता प्रदान किया जाना है। यह कार्यक्रम जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण के माध्यम से जिले में क्रियान्वित किया जा रहा है।

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जिले में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत उल्लास साक्षरता केन्द्रों में साक्षरता कक्षाओं का संचालन स्वयसेवी शिक्षकों द्वारा नवाचारी गतिविधियों का प्रयोग करते हुए किया जा रहा है। जिसमें पठन-पाठन के साथ ही डिजिटल साक्षरता आपदा प्रबंधन, कौशल विकास वित्तीय साक्षरता, विधिक साक्षरता, चुनावी साक्षरता आदि विषयों की जानकारी दी जा रही है।

प्रशिक्षण प्राप्त कुशल प्रशिक्षकों द्वारा विकासखंड स्तर पर प्रशिक्षण दिया गया। विकासखंड स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त संकुल समन्वयक द्वारा संकुल स्तर पर प्रधान पाठक एवं ग्राम प्रभारी को प्रशिक्षण दिया गया।

ग्राम प्रभारी द्वारा स्वयंसेवी शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। स्वयंसेवी शिक्षकों के प्रशिक्षण में ग्राम व वार्ड के सभी स्वयंसेवी शिक्षकों को सम्मिलित किया गया है। जिले में 40 हजार असाक्षरों का लक्ष्य दिया गया था, जिसके विरूद्ध कुल 42492 असाक्षरों का चिन्हांकन कर पंजीयन किया गया है। इन्हें पठन-पाठन कराने हेतु 4415 स्वयंसेवी शिक्षकों का चिन्हांकन कर प्रशिक्षण दिया गया है। कक्षाएं प्रारंभ की गई हैं। उल्लास साक्षरता केंद्र में कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है, जो की ग्राम के प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक शालाओं में स्थित है।

इस कार्यक्रम की सतत मॉनिटरिंग जिला स्तर, विकासखंड स्तर, संकुल स्तर पर की जा रही है। उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत विकासखंड राजनांदगांव, डोंगरगढ़, छुरिया, डोंगरगांव के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में असाक्षरों का चिन्हांकन एवं उन्हें पढ़ाने वाले स्वयंसेवी शिक्षकों का चिन्हांकन विकासखंड के सभी ग्राम एवं नगरीय क्षेत्र के वार्डों में सर्वे कर किया गया है। असाक्षरों के चिन्हांकन के दौरान प्रति केन्द्र पढ़ाने वाले स्वयंसेवी शिक्षकों का चिन्हांकन किया गया है।

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