राज्य

आदिवासी समाज की संस्कृति काफी समृद्ध एवं अनुकरणीय है

आदिवासी समाज की संस्कृति काफी समृद्ध एवं अनुकरणीय है

WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.27.06 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 8.56.40 PM (1)
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.09.46 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.06.54 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.17.22 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.12.09 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.19.42 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.04.25 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.31.09 PM
WhatsApp-Image-2026-01-04-at-3.52.07-PM-1-207x300 (1)
53037c58-1c56-477e-9d46-e1b17e179e86
bae560a9-5b2a-4ad3-b51f-74b327652841 (1)
c68b7421-3b19-4167-8908-848fa38ba936 (1)
mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

बालूमाथ//आज कोमर ग्राम में राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा की 18वीं वर्षगांठ का आयोजन किया गया, जिसमें अनीता देवी उपाध्यक्ष जिला परिषद शामिल हुई! आदिवासी समाज में इसे झंडागडी कहते हैं! मौके पर। उपस्थित जिप उपाध्यक्ष अनीता देवी ने बताया गया की आदिवासी समाज एवं उनकी संस्कृति काफी समृद्ध एवं अनुकरणीय है आदिवासी प्रकृति के पुजारी होते हैं l इतना समृद्ध होने के बाद भी आज आदिवासी समाज में भी आधुनिक शिक्षा की आवश्यकता महसूस की जा रही है आधुनिक शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो आदिवासी समाज एवं संस्कृति को सहेजकर रखे और युवक युवतियों को सही दिशा में आगे बढ़ने को प्रेरित करे आजकल देखा जाता है कि कुछ युवक युवती आधुनिक शिक्षा के नाम पर आदिवासी भाषा एवं संस्कृति से दूर हो रहे हैं ,जो कहीं से भी सही नहीं है आदिवासियों की पहचान उनकी भाषा और संस्कृति ही है, जिसे हम सभी को मिलकर और समृद्ध बनाने की आवश्यकता है

Ashish Sinha

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2026-01-04 at 4.02.37 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.36.04 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.39.12 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.44.45 PM (1)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!