सूरजपुर: न्यायाधीश ने छात्रों को सिखाए कानूनी अधिकार; पॉक्सो और आईटी एक्ट पर दी अहम जानकारी






विधिक जागरूकता कार्यक्रम सूरजपुर: न्यायाधीश ने छात्रों को किया जागरूक

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
c3bafc7d-8a11-4a77-be3b-4c82fa127c77 (1)


स्थान: सूरजपुर (छत्तीसगढ़) | दिनांक: 18 अप्रैल 2026 | रिपोर्टर: डेस्क रिपोर्ट, प्रदेश खबर

विधिक जागरूकता कार्यक्रम: न्यायाधीश ने छात्रों को कानूनी अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति किया जागरूक

सूरजपुर: समाज में अपराधों के नियंत्रण और नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति सशक्त बनाने के उद्देश्य से आज सूरजपुर जिले में एक महत्वपूर्ण विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सूरजपुर के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं को कानून की पेचीदगियों और उनके सुरक्षा कवच के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

“जानकारी के अभाव में लोग खुद को असहाय मानकर गलत कदम उठा लेते हैं। कानून आपको कमजोर नहीं, बल्कि ताकतवर बनाता है।” – न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल

पॉक्सो एक्ट: बच्चों और किशोरों की सुरक्षा सर्वोपरि

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री आनंद प्रकाश वारियाल (जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश) ने पॉक्सो एक्ट 2012 (Protection of Children from Sexual Offences Act) पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने छात्रों को बताया कि यह कानून बच्चों के प्रति होने वाले यौन अपराधों को रोकने के लिए बनाया गया है। उन्होंने साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया और न्यायालयीन कार्यवाही के महत्वपूर्ण बिंदुओं को साझा किया, ताकि युवा किसी भी अप्रिय स्थिति में डरे बिना कानून की मदद ले सकें।

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

साइबर सुरक्षा: मोबाइल और इंटरनेट का सावधानीपूर्वक उपयोग

आईटी एक्ट 2000 की महत्वपूर्ण बातें:

न्यायाधीश महोदय ने चेतावनी देते हुए कहा कि डिजिटल दुनिया में आपकी हर गतिविधि का ‘फुटप्रिंट’ रहता है। उन्होंने मोबाइल के सुरक्षित उपयोग की सलाह देते हुए कहा कि इंटरनेट का उपयोग केवल शिक्षा और सकारात्मक चीजों के लिए ही किया जाना चाहिए। आईटी एक्ट के तहत होने वाले साइबर अपराधों और उनके दुष्परिणामों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

निःशुल्क विधिक सहायता: अब कोई नहीं रहेगा न्याय से वंचित

आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए न्याय सुलभ बनाने हेतु न्यायाधीश वारियाल ने विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तहसील न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक निःशुल्क कानूनी सलाह और वकील की सुविधा उपलब्ध है।

नालसा टोल फ्री नंबर: 15100 पर संपर्क करें

मोटर व्हीकल एक्ट: हेलमेट और लाइसेंस है सुरक्षा की गारंटी

छात्रों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए न्यायाधीश ने कहा कि बिना ड्राइविंग लाइसेंस और बिना वाहन बीमा के वाहन चलाना न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि दुर्घटना की स्थिति में यह भारी आर्थिक और कानूनी संकट का कारण बन सकता है। उन्होंने अनिवार्य रूप से यातायात नियमों के पालन की अपील की।

जिज्ञासा समाधान: छात्रों और शिक्षकों के प्रश्न

व्याख्यान के बाद प्रश्नोत्तरी सत्र का आयोजन हुआ, जिसमें छात्रों और शिक्षकों ने कानून से जुड़े व्यवहारिक प्रश्न पूछे। न्यायाधीश महोदय ने सहजता से सभी की जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन लेक्चरर विवेक मेहता ने किया और आभार प्रदर्शन लेक्चरर अवधेश जी ने किया।

इस अवसर पर पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य श्री एन. योगेश, समस्त शिक्षकगण एवं पैरालीगल वॉलंटियर्स सहित बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे। दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुआ यह कार्यक्रम राष्ट्रगान के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।