कलेक्टर के कड़े निर्देश: लापरवाही और मद्यपान पर बड़ी कार्रवाई, बेलखरिखा पंचायत सचिव कमल साय निलंबित
अम्बिकापुर: सरगुजा जिले में प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार अग्रवाल ने औचक निरीक्षण के दौरान बड़ी कार्रवाई की है। जनपद पंचायत लखनपुर के ग्राम पंचायत बेलखरिखा में विकास कार्यों की सुस्त रफ़्तार और गंभीर शिकायतों के आधार पर पंचायत सचिव कमल साय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
निरीक्षण में खुली पोल: गायब मिले सचिव, अधूरे मिले काम
गुरुवार को जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल बेलखरिखा पंचायत के भ्रमण पर पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि पंचायत सचिव कमल साय बिना किसी पूर्व सूचना या वैध कारण के अपने मुख्यालय से अनुपस्थित थे। इतना ही नहीं, पंचायत में 15वां वित्त योजना के तहत स्वीकृत कई पुराने निर्माण कार्य आज भी अपूर्ण अवस्था में पड़े हैं, जिससे शासन की योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों की गंभीर शिकायत: पंचायत भवन में मद्यपान
भ्रमण के दौरान जब सीईओ ने ग्रामीणों से चर्चा की, तो बेहद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। ग्रामीणों ने लिखित और मौखिक रूप से शिकायत की कि सचिव कमल साय अक्सर पंचायत भवन में मद्यपान (शराब का सेवन) कर उपस्थित रहते हैं। एक सरकारी कर्मचारी द्वारा कार्यालयीन समय में इस प्रकार का आचरण न केवल अनुशासनहीनता है, बल्कि शासन की छवि को भी धूमिल करता है।
प्रधानमंत्री आवास योजना की खराब रैंकिंग
समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में बेलखरिखा पंचायत की स्थिति बेहद चिंताजनक पाई गई। जहां जिले का औसत प्रदर्शन सराहनीय है, वहीं इस पंचायत में लक्ष्य का आधा काम भी पूरा नहीं हुआ है।
| विवरण (वर्ष 2024-25) | आंकड़े |
|---|---|
| कुल स्वीकृत आवास | 181 |
| पूर्ण किए गए आवास | 69 |
| कार्य की प्रगति (प्रतिशत) | 38% |
| जिले का औसत प्रदर्शन | 68% |
निलंबन और मुख्यालय निर्धारण
सचिव कमल साय का यह कृत्य छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (आचरण) नियम 1998 के नियम 03 (एक), (दो) एवं (तीन) तथा नियम-22 का स्पष्ट उल्लंघन पाया गया। इसके परिणामस्वरूप, विनय कुमार अग्रवाल ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान कमल साय का मुख्यालय जनपद पंचायत लखनपुर निर्धारित किया गया है, जहाँ उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
इस कार्रवाई से जिले के अन्य लापरवाह कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि शासकीय कार्यों में लापरवाही और अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।










