भाजपा सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया।

भाजपा सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया।

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बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और असमानता से जनता त्रस्त है, केवल “मोडानी” मस्त हैं।

विकास दर में कटौती, महंगाई दर में वृद्धि, सरकारी संसाधन, सार्वजनिक उपक्रम बेचे जा रहे, फिर भी कर्ज़भार 4 गुना बढ़ा?

रायपुर// प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा की सरकार आर्थिक मामलों में पूरी तरह से फेल साबित हुई है। मोदी राज में देश का विकास दर लगातार तेज़ी से गिर रहा है। चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए आर्थिक वृद्धि दर को आरबीआई ने 7.2 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया है। यही नहीं महंगाई दर को 4.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 4.8 प्रतिशत कर दिया है। वास्तविक ज़मीनी हालात GDP गिरावट से भी ज़्यादा गंभीर है। नाकाम सरकार के दबाव में सभी फॉर्मूलों में झोलझाल जारी है, फिर भी आर्थिक सूचकांक लगातार गिर रहे हैं। डॉलर के मुकाबले रुपया दिन प्रतिदिन कमजोर हो रहा है, एक डॉलर की कीमत 84 रुपए 67 पैसे तक पहुंच गई है, विगत दो महीनों में ही रुपए में 1.3 फीसदी गिरावट आयी है। औद्योगिक उत्पादन ठप्प है, निर्यात घट रहे हैं, आयात पर निर्भरता बढ़ गई है, NPA लगातार बढ़ रहा है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि देश में बेरोजगारी दर ऐतिहासिक तौर पर शिखर पर है। सरकारी विभागो और सार्वजनिक उपक्रमों में लाखों की संख्या में पद रिक्त पड़े हैं, लेकिन भाजपा की सरकार युवाओं को रोजगार देने के बजाय सरकारी उपक्रमों को पूंजीपति मित्रों को बेच कर देश के युवाओं के सरकारी नौकरी के अधिकार को बेच रही है। 2014 से पहले औषतन हर 3 महीनों में बैंकिंग, रेलवे, एसएससी भर्ती परीक्षाएं आयोजित होती थी, मोदी सरकार आने के बाद से वह भी अघोषित तौर पर बंद है। महंगाई नियंत्रण में यह सरकार पूरी तरह से नाकाम रही है। मोदी सरकार में नौकरियों के अवसर दिनों-दिन घट रहे हैं।

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प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि मोदी सरकार के फोकस में आमजनता का हित नहीं, बल्कि अडानी का मुनाफा है। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पर कार्यवाही का मामला हो, या फर्जी सेल कंपनियों से ट्रांजेक्शन की शिकायत, या फिर रिश्वतखोरी पर अमेरिका में दर्ज एफआईआर, मोदी के मित्र देश के तमाम जांच एजेंसीयों के दायरे से बाहर हैं, निवेशकों के लाखों करोड़ डूब गए लेकिन सरकार को उनकी चिंता नहीं। एक ही व्यक्ति को देश के सारे संसाधन लुटाए जा रहे हैं। तमाम पॉवर प्रोजेक्ट, माइनिंग सेक्टर, कोल, आयरनओर, बॉक्साइड, सीमेंट प्लांट, बंदरगाह, एयरपोर्ट, रेलवे में एक ही व्यक्ति का एकाधिकार है, उसी के मुनाफे के लिए वन अधिकार अधिनियम में आदिवासी विरोधी प्रावधान थोपे गए, दर्जनों श्रम कानूनों में श्रमिक विरोधी संशोधन किए, जंगल कटवाए जा रहे, नो-गो एरिया संकुचित किया, कमर्शियल माइनिंग शुरु की, जनता त्रस्त है, ‘मोडानी’ मस्त हैं।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि गलत आर्थिक नीतियों और वित्तीय कुप्रबंधन के चलते मोदी सरकार ने देश को कर्ज में डुबा दिया। एक तरफ जहां देश के सार्वजनिक उपक्रम, सरकारी संसाधन लगातार बेचे जा रहे हैं, प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर संग्रहण भी बढ़ा है, फिर 2014 की तुलना में देश पर कुल कर्ज का भार चार गुना अधिक कैसे? मतलब साफ़ है कि यह सरकार केवल अडानी की तिजौरी भर रही है, मध्यम वर्ग तेज़ी से गरीबी रेखा से नीचे जा रहा है, गरीब और गरीब हो रहा है, असमानता बढ़ रही है। भाजपा सरकार ने भारतीय अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया है।