उपार्जन केंद्र पर बेहतर व्यवस्था और उचित मूल्य मिलने से किसानों का बढ़ रहा मनोबल

उपार्जन केंद्र पर बेहतर व्यवस्था और उचित मूल्य मिलने से किसानों का बढ़ रहा मनोबल

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धान खरीदी की उत्कृष्ट व्यवस्था, कृषि कार्य में विश्वास और समर्पण को देती है बढ़ावा :- किसान रेशम लाल

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कोरबा/ 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदने की सुविधा से अन्नदाताओं में खुशी और उत्साह का माहौल है। यह पहल किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है, और वे बड़ी संख्या में अपने धान को बेचने के लिए उपार्जन केंद्र पहुँच रहे हैं। इस पहल से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है, बल्कि वे सरकार की इस पहल के प्रति आभारी भी हैं। केंद्र पर बेहतर व्यवस्था और उचित मूल्य मिलने से किसानों का आत्मविश्वास और अधिक बढ़ा है। बरपाली धान खरीदी केंद्र में अपना उपज बेचने आए ग्राम ढनढनी के किसान श्री रेशमलाल ने बताया कि उन्होंने बड़ी आसानी से अपना धान विक्रय किया। उन्होंने इस प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बताते हुए कहा यह सुविधा हमारे लिए अत्यंत लाभकारी है, अब हमें अपनी फसल बेचने के लिए केंद्रों का चक्कर लगाना नही पड़ता, साथ ही टोकन के लिए लम्बी कतार में लगने से भी राहत मिली है। किसानों को टोकन तुंहर हाथ एप्प के माध्यम से घर बैठे ही टोकन मिल रही है। केंद्र में बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था है। धान केंद्र में लाते ही इलेक्ट्रॉनिक मशीन से तौलाई हो गई। साथ ही 72 घण्टे के भीतर राशि किसान के खाते में आ जा रही है। इस तरह की सुविधा से न केवल समय की बचत होती है, बल्कि किसान को उचित मूल्य मिलना भी सुनिश्चित होता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। कृषक रेशमलाल ने बताया कि आज वे अपनी 5 एकड़ भूमि से उपजाए 72 क्विंटल धान बेचने आए हैं। उन्होंने कहा मेहनत और उपज का सही मूल्य मिलने से मनोबल बढ़ता है, और किसान बेहतर उत्पादन की ओर प्रेरित होते हैं। उन्होंने कहा कि जब किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलता है, तो वे कृषि में अधिक मेहनत और सुधार लाने के लिए प्रेरित होते हैं।
श्री रेशम लाल ने धान खरीदी की इस उत्कृष्ट व्यवस्था के लिए प्रदेश सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि इससे न केवल किसानों को अपनी उपज बढ़ाने की प्रेरणा मिलती है, बल्कि उनके कृषि कार्य में विश्वास और समर्पण भी मजबूत होता है।