बोर्ड परीक्षा के परिणाम में श्रेष्ठ प्रदर्शन करें शिक्षा विभागः कलेक्टर अजीत वसंत

बोर्ड परीक्षा के परिणाम में श्रेष्ठ प्रदर्शन करें शिक्षा विभागः कलेक्टर अजीत वसंत

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पढाई में कमजोर बच्चों पर विशेष ध्यान देवें शिक्षक

सभी शिक्षको को 90प्रतिशत से अधिक परीक्षा परिणाम लाने का प्रयास करने के दिए निर्देश

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कोरबा/ कलेक्टर अजीत वसंत ने हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल की बोर्ड परीक्षा में बच्चों के परीक्षा परिणाम में सुधार लाने के लिए शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक शनिवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में ली। उन्होने जिला शिक्षा अधिकारी एवं बीईओ को निर्देश दिए कि पढाई में कमजोर बच्चों के शैक्षणिक विकास के लिए उन पर विशेष ध्यान देकर अध्यापन कार्य कराएं। उन्होंने कहा कि आगमी 2 माह में पढ़ाई में कमजोर बच्चों पर विशेष ध्यान देकर उन्हें मजबूत करें।बच्चों को पढ़ाई में निरंतरता बनाने के लिए प्रेरित करें। उनके लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगायें। ब्लैक बोर्ड पर लिखने का अभ्यास करायें। परीक्षा की तैयारी की दृष्टि से गृह कार्य में प्रश्नोत्तर लिखा कर रिवीजन करायें। परीक्षा को ध्यान में रखते हुए बच्चों के विषय वार टेस्ट लेवे । उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यालयों में बच्चों को नाश्ता वितरण सुचारू रूप से सतत होना चाहिए। इसके साथ ही विद्यालयों को चूल्हा मुक्त करते हुए गैस से भोजन पकाया जाए।
कलेक्टर ने कहा कि बच्चों के शैक्षणिक विकास एवं परीक्षा परिणाम में सुधार के लिए विद्यालयवार एवं व्याख्याताओं के विषयवार विस्तृत समीक्षा की जा चुकी है। इसके साथ ही परीक्षा परिणाम में सुधार के लिए विद्यालयों के प्राचार्यों की भी समीक्षा की गई है। उन्होंने विकास खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि विगत वर्ष के परीक्षा परिणामों को ध्यान में रखकर शिक्षक मेहनत करें और इस वर्ष उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम लाने के प्रयास करें। कलेक्टर ने निर्देश दिया कि प्रत्येक विद्यालय के शिक्षक अपने विषयों में 90 प्रतिशत से अधिक परीक्षा परिणाम लाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं के दृष्टिगत शिक्षकों के द्वारा बच्चों की लिखावट की गति एवं शुद्धता पर ध्यान दिया जाये। शिक्षक का मुख्य कार्य अध्यापन कार्य होता है। बच्चों को पढ़ाकर ही आगे बढ़ाया जा सकता है। कलेक्टर ने श्रेष्ठ परिक्षा परिणाम के लिए जिला शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को विद्यालयों की सतत मानिटरिंग करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि डीएमएफ मद से विद्यालयों में नियुक्त अतिथि व्याख्याताओं की निरंतरता उनके विषयों के परीक्षा परिणाम के आधार पर की जायेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यालयों में आवश्यकतानुसार छात्र छात्राओं को अलग अलग शौचालय तथा किचन शेड बनाने के प्रस्ताव भेजे। बच्चों की रुचि को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक ब्लॉक के 2- 2 अच्छे विद्यालयों में एस्ट्रोनॉमी लेब निर्माण के प्रस्ताव भेजे। शाला विकास समिति के द्वारा किए जा रहे शौचालय निर्माण कार्यों का निरीक्षण करें।बैठक में सीईओ जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग,जिला शिक्षा अधिकारी टी.पी.उपाध्याय, सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी उपस्थित थे।