
छत्तीसगढ़ में नैनो डीएपी से खेती होगी सस्ती और असरदार, डीएपी संकट में किसानों को मिलेगा स्मार्ट विकल्प
खरीफ 2025 में डीएपी की संभावित कमी को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने नैनो डीएपी, एनपीके और एसएसपी उर्वरकों की आपूर्ति शुरू की। जानिए नैनो डीएपी की विधि, लागत और लाभ।
गरियाबंद, 8 जुलाई 2025 – छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीफ 2025 के दौरान किसानों को डीएपी (डायमोनियम फॉस्फेट) खाद की कमी से बचाने के लिए नैनो डीएपी, एनपीके और एसएसपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों की आपूर्ति तेज कर दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है ताकि किसानों को खेती में किसी भी पोषक तत्व की कमी का सामना न करना पड़े।
नैनो डीएपी: सस्ता और असरदार विकल्प
नैनो डीएपी एक लिक्विड फर्टिलाइजर है, जो पारंपरिक डीएपी की तुलना में ज्यादा किफायती और प्रभावी है।
- एक एकड़ में पारंपरिक डीएपी की लागत: ₹1350
- नैनो डीएपी और पारंपरिक डीएपी के मिश्रण की लागत: ₹1275
यह लागत घटाता है और फसल की क्वालिटी भी सुधारता है।
नैनो डीएपी के इस्तेमाल का तरीका (एक एकड़ धान के लिए)
- बीज उपचार: 150 मिलीलीटर नैनो डीएपी को 3 लीटर पानी में मिलाकर, बीज को आधे घंटे भिगोकर छाँव में सुखाएं।
- रोपाई के समय: 250 मिलीलीटर नैनो डीएपी को 50 लीटर पानी में मिलाकर, धान की जड़ों को डुबोकर रोपाई करें।
- 30 दिन बाद छिड़काव: 250 मिलीलीटर नैनो डीएपी को 125 लीटर पानी में मिलाकर खड़ी फसल पर स्प्रे करें।
इस तरीके से फसल को जल्दी और संतुलित पोषण मिलता है।
खाद की उपलब्धता और जागरूकता
राज्य की सहकारी समितियों में नैनो डीएपी, एनपीके और एसएसपी का भरपूर स्टॉक है। साथ ही, कृषि वैज्ञानिक किसानों को इन उर्वरकों के इस्तेमाल के लिए ट्रेनिंग और जागरूकता कैंप भी लगा रहे हैं।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के वैज्ञानिकों ने नैनो डीएपी को पर्यावरण के लिए सुरक्षित, किफायती और उच्च क्वालिटी वाला बताया है।








