छत्तीसगढ़राजनीतिराज्यरायपुर

नगरीय निकाय निर्वाचन 2025 : इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की प्रथम स्तरीय जांच 12 जनवरी से 16 जनवरी तक

नगरीय निकाय निर्वाचन 2025 : इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की प्रथम स्तरीय जांच 12 जनवरी से 16 जनवरी तक

WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.27.06 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 8.56.40 PM (1)
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.09.46 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.06.54 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.17.22 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.12.09 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.19.42 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.04.25 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.31.09 PM
WhatsApp-Image-2026-01-04-at-3.52.07-PM-1-207x300 (1)
53037c58-1c56-477e-9d46-e1b17e179e86

राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में एफएलसी कार्य प्रतिदिन निर्धारित समय पर हुआ पूर्ण

रायपुर//छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने राज्य के सभी जिलों के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में एफ.एल.सी. कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए थे। गत दिवस निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह की अध्यक्षता में जिला निर्वाचन अधिकारियों की बैठक में निर्देश दिये गये थे कि 16 जनवरी तक एल.एल.सी. कार्य संपन्न किया जाना है। आयोग द्वारा जारी दिशा निर्देश के अनुसार राज्य के सभी जिलों के नगरीय निकाय निर्वाचन हेतु ई.व्ही.एम. का प्रथम स्तरीय जांच ई सी आई एल के इंजीनियर द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी के मार्गदर्शन में 12 जनवरी से शुरू किया गया।

निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए ई.व्ही.एम. की जांच में मशीनों के तकनीकी पहलुओं की गहन समीक्षा की गई, ताकि मतदान के दिन किसी भी प्रकार की समस्या न हो। सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ इस प्रक्रिया में शामिल हुए। नगरीय निकाय चुनाव 2025 के तहत राज्य में नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में चुनाव होना है। आयोग ने मतदाताओं से भी अनुरोध किया है कि वे चुनाव में सक्रिय रूप से भाग लें और अपने मताधिकार का उपयोग करें।

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

राज्य निर्वाचन आयोग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि ईव्हीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) पूरी तरह से पारदर्शी हो तथा इस प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी उपस्थित रहने का अवसर दिया गया। आयोग द्वारा सभी जिलों के कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया था कि एफएलसी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाए, ताकि बाद में किसी भी तरह की शंका या विवाद न रहे।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशानुसार जिले में उपलब्ध ई.व्ही.एम. के एफ.एल.सी. का संपूर्ण दायित्व कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) को सौंपा गया तथा निर्देशित किया गया कि अपर कलेक्टर या वरिष्ठ अधिकारी को एफ.एल.सी. के पर्यवेक्षण हेतु नियुक्त किया जाये एवं आवश्यक कर्मचारी उपलब्ध करायी जाये। आयोग द्वारा यह भी निर्देशित किया गया था कि एफ.एल.सी. स्थल में आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था किया जाना सुनिश्चित जाये तथा राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के उपस्थिति में निर्धारित समय पर संपन्न किया जाए।

जिले में उपलब्ध सभी ई.व्ही.एम. को एफ.एल.सी. के पश्चात् स्ट्रांग रूम में आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था एवं आयोग द्वारा जारी निर्देशानुसार संधारित रखने कहा गया है।

Ashish Sinha

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2026-01-04 at 4.02.37 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.36.04 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.39.12 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.44.45 PM (1)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!