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सरकार ओबीसी वर्ग के आरक्षण को बहाल करे।

सरकार ओबीसी वर्ग के आरक्षण को बहाल करे

राजीव भवन में पत्रकारों से चर्चा करते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि

अभी चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं हुआ है, सरकार आरक्षण को रद्द कर फिर से आरक्षण कराये। ओबीसी वर्ग के आरक्षण को बहाल करे, इसके लिये अध्यादेश लाना पड़े तो लाया जाये। विधानसभा की विशेष सत्र बुलाना पड़े, बुलाया जाये लेकिन ओबीसी वर्ग के आरक्षण को बहाल किया जाये।

भाजपा सरकार के द्वारा कराये गये वर्तमान आरक्षण प्रक्रिया के चलते प्रदेश में ओबीसी वर्ग का नुकसान हुआ है।

जिला पंचायत अध्यक्ष का एक भी सीट ओबीसी के लिये आरक्षित नहीं है।

प्रदेश के सभी जिला पंचायत एवं जनपदों में जहां पहले 25 प्रतिशत सीटें अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों के लिये आरक्षित हुआ करती थी, अब अनुसूचित क्षेत्रों में ओबीसी आरक्षण लगभग खत्म हो गया है। पूर्व में ओबीसी के लिये आरक्षित ये सभी सीटें अब अन्य वर्ग के लिये आरक्षित हो चुकी है।

साय सरकार के द्वारा आरक्षण प्रक्रिया के नियमों में किए गए दुर्भावनापूर्वक संशोधन के बाद अनुसूचित जिले और ब्लॉकों में जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य और पंचों का जो भी पद अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित था, अन्य वर्ग के लिये आरक्षित हो गया है।

पहले ओबीसी को धोखा दिया, अब सामान्य वर्ग को ठगने जा रहे। जब पूरे प्रदेश में सरकार के खिलाफ विरोध हो रहा तब कह रहे कि अनारक्षित वर्ग की आधा सीटों में पिछड़ा वर्ग को लड़ायेंगे। पहले तो पिछड़ों के संवैधानिक अधिकार में डाका डाला, अब जले पर नमक छिड़क रहे। अनारक्षित सीटों में तो सामान्य, एससी, एसटी, ओबीसी कोई भी लड़ सकता है और जहां पर जैसी परिस्थिति होती है लोग लड़ते भी है, इसमें भाजपा क्या अहसान कर रही? भाजपा का अहसान नहीं बाबा साहब के संविधान के द्वारा दिया गया आरक्षण का अधिकार चाहिये।

हार के डर से घबराई भाजपा ईवीएम की शरण में

हार के डर से घबराई भाजपा ईवीएम की शरण में पहुंच गयी है। नगरीय निकाय ईवीएम से कराने की अधिसूचना जारी की गयी है। भाजपा को पता है कि बिना ईवीएम के वह कोई चुनाव नहीं जीत सकती है। पहले स्थानीय निकायों के चुनाव बैलेट पेपर से कराने की घोषणा उसके बाद यू-टर्न लेकर नगरीय निकायों के चुनाव ईवीएम से कराने का निर्णय बताता है कि भाजपा चुनाव से घबरा रही है। ईवीएम से चुनाव कराने का फैसला भाजपा के चुनावी डर के कारण आया है।

इसके पहले भी जिन राज्यों में ईवीएम से चुनाव में भाजपा की जीत हुई थी उन्हीं राज्यों में कुछ महिनों के अंदर बैलेट पेपर से हुये स्थानीय निकाय के चुनावों में भाजपा की बुरी तरह पराजय हुई थी। भाजपा यह जान रही है छत्तीसगढ़ में बैलेट पेपर से नगरीय निकाय के चुनाव में भाजपा नहीं जीतने वाली है। इसीलिए घोषणा के बाद भी ईवीएम से चुनाव कराने की अधिसूचना जारी किया गया।

सरकार स्पष्ट करे ईवीएम से चुनाव कराने पर किन मशीनों का उपयोग होगा? मशीनों में वीवी पैड लगाया जायेगा की नहीं? सरकार के पास कितने वीवी पैड यूनिट है?

सरकार परीक्षा और स्थानीय निकाय चुनाव पर स्थिति स्पष्ट करें

सरकार परीक्षा और निकाय चुनाव पर स्थिति स्पष्ट करें। अभी तक स्थानीय निकायों के चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं हुये है। जबकि स्कूलों के बोर्ड परीक्षाओं तथा अन्य परीक्षाओं की समय सारणी घोषित हो चुकी है।

10वीं एवं 12वीं सीबीएससी की परीक्षा 15 फरवरी से शुरू होगी जो 18 मार्च तक चलेगी।

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं की परीक्षा 3 मार्च से शुरू होकर 24 मार्च तक चलेगी। आईसीएससी बोर्ड की परिक्षाएं भी फरवरी में होंगी।

माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं की परीक्षा 1 मार्च से शुरू होकर 28 मार्च तक चलेगी।

इसी प्रकार माध्यमिक शिक्षा मंडल की अन्य परीक्षाएं भी 1 मार्च से शुरू होकर 10 मार्च तक चलने वाली है। विभिन्न बोर्डों की घरेलू परीक्षाएं भी फरवरी माह में होगी।

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सरकार तुरंत भी चुनाव कार्यक्रम घोषित करती है तो भी चुनाव के नामांकन, प्रचार एवं मतदान का फरवरी के पहले होना संभव नहीं है। ऐसे में चुनाव एवं परीक्षाओं का टकराना निश्चित है।

चुनाव में उन्हीं स्कूलों का उपयोग होगा जहां परीक्षायें हो रही होगी। चुनाव ड्यूटी में भी शिक्षक लगाये जायेगें। ऐसे में कैसे दोनों का सामंजस्य बैठेगा?

यह स्थिति भाजपा के डर के कारण आया है। सरकार चाहती तो अभी तक चुनाव संपन्न हो चुके होते और परीक्षाओं तथा चुनाव के बीच टकराहट नहीं होती। अब इस चुनाव के कारण लाखों बच्चों की परीक्षाएं बाधित होगी।

सरकार चुनाव और परीक्षाओं को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करें। यह प्रदेश के लाखों बच्चों के भविष्य का सवाल है। सरकार की लापरवाही और भाजपा के डर का खामियाजा बच्चों को नहीं भुगतना पड़े, यह सुनिश्चित किया जाये।

किसानों को धान का भुगतान नहीं हो रहा

सरकार के द्वारा किसानों को अभी भी 2300 रू. के दर से भुगतान हो रहा है। 3100 रू. का वादा किया था, लेकिन भुगतान नहीं कर रहे।

वादा था कि पंचायतों में भुगतान केन्द्र बनाकर नगद भुगतान करेंगे। प्रदेश के एक भी पंचायत में मोदी की गारंटी के अनुसार भुगतान केन्द्र नहीं बनाये गये है। 2300 रू. का भुगतान भी एकमुश्त नहीं हो रहा है। किसान परेशान है उन्हें बैंको का चक्कर लगाना पड़ रहा है।

धान की कीमत का भुगतान 3217 रू. में करे क्योंकि 3100 रू. भाजपा ने अपने चुनावी वायदे में कहा था। केन्द्र सरकार ने धान का समर्थन मूल्य 117 रू. बढ़ा दिया है। इस कारण इस वर्ष धान की खरीदी 3100 रू. से बढ़ाकर 3217 रू. किया जाये। कांग्रेस के समय भी कांग्रेस ने धान का समर्थन मूल्य 2500 देने का वादा किया था लेकिन समर्थन मूल्य बढ़ने पर कांग्रेस ने 2640 रू. में धान खरीदी किया था।

धान खरीदी को अब मात्र 13 दिन ही बचे है। अभी तक जो धान की खरीदी हुई है उसमें से 40 प्रतिशत धान का ही उठाव खरीदी केन्द्रों से हुआ है। खरीदी केन्द्रों पर जाम की स्थिति है।

किरण देव के भाजपा अध्यक्ष बनने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि किरण देव के फिर से भाजपा अध्यक्ष निर्वाचित होना वैसा ही है, अकेले दौड़े थे फर्स्ट आ गये। भाजपा में लोकतंत्र नहीं है। आधा दर्जन नेता अध्यक्ष का नामांकन पत्र लिये थे लेकिन चुनाव नहीं लड़ने दिया गया। एक साल पहले जेपी नड्डा भी जब भाजपा के अध्यक्ष बने थे तो बताया गया निर्वाचित हुये है, लेकिन कब नामांकन भरे, चुनाव कार्यक्रम क्या था, चुनाव अधिकारी कौन था? किसने किससे नामांकन भरा कुछ पता नहीं, नड्डा जी अध्यक्ष भाजपा अध्यक्ष बन गये। यह भाजपा का लोकतंत्र है यहां चुनाव नहीं होता चुनाव का अभिनय होता है। हमारे यहां राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव हुआ था। सारा चुनाव कार्यक्रम सार्वजनिक था, वोटिंग हुआ खड़गे जी अध्यक्ष निर्वाचित हुये। उनके विरूद्ध शशि थरूर चुनाव लड़े थे। सारी प्रक्रिया लोकतांत्रिक थी।

कवासी लखमा की गिरफ्तारी पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सेंट्रल एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही। जनजातीय मुख्यमंत्री आदिवासियों पर अत्याचार कर रहे। पहले अमरजीत भगत के घर आईटी का रेड, अब कवासी लखमा को गिरफ्तार किया। प्रदेश में आदिवासी सीएम के रहते आदिवासी नेता को टारगेट क्यों किया जा रहा है? अगला कार्यवाही किस आदिवासी नेता पर होगा यह बताये?

पत्रकार वार्ता में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नेता धनेन्द्र साहू, पूर्व मंत्री अमितेश शुक्ल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेंद्र तिवारी, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग का अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र शर्मा, धनंजय सिंह ठाकुर, अशोक राज आहूजा, सुरेंद्र वर्मा, प्रवक्ता सत्य प्रकाश सिंह, अजय गंगवानी, वंदना राजपूत, ऋषभ चंद्राकर उपस्थित थे।

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