‘संभागीय युवा संसद प्रतियोगिता का आयोजन’ : छात्रों ने संसदीय बहस, चर्चा और निर्णय लेने की प्रक्रिया को जीवंत तरीके से दर्शाया

‘संभागीय युवा संसद प्रतियोगिता का आयोजन’ : छात्रों ने संसदीय बहस, चर्चा और निर्णय लेने की प्रक्रिया को जीवंत तरीके से दर्शाया

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अम्बिकापुर / स्कूल शिक्षा विभाग एवं संसदीय कार्य मंत्रालय के द्वारा अम्बिकापुर के पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में संभागीय युवा संसद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूली छात्रों को देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था से परिचित कराना और उनमें लोकतांत्रिक प्रक्रिया की समझ को विकसित करना था।
संभाग स्तरीय इस प्रतियोगिता में सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, जशपुर और मनेन्द्रगढ़ जिलों के करीब 350 छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस प्रतियोगिता में सभी छात्रों की सहभागिता सराहनीय रहा, जिसमें प्रथम स्थान पर जिला कोरिया, दूसरे स्थान पर जिला सरगुजा रहा।
प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि कलेक्टर श्री विलास भोसकर ने प्रतियोगिता में शामिल छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संसदीय कार्यप्रणाली लोकतंत्र की जड़ है। उन्होंने बताया कि देश में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए वोटिंग के माध्यम से जनप्रतिनिधियों का चुनाव होता है, जो संसद में पूरे देश के हित में निर्णय लेते हैं। इस लोकतांत्रिक व्यवस्था को स्थापित करने में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अहम योगदान रहा है। ऐसे आयोजन आपकी प्रतिभा को निखारना अहम भूमिका निभाते हैं।
प्रतियोगिता में छात्रों को संसदीय कार्यप्रणाली को नाट्य रूप में प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया। प्रत्येक टीम को अपनी प्रस्तुति देने के लिए 50 मिनट का समय आवंटित किया गया। 100 अंकों की इस प्रतियोगिता में छात्रों ने पक्ष-विपक्ष भूमिका को निर्वहन करते हुए संसदीय बहस, चर्चा और निर्णय लेने की प्रक्रिया को जीवंत तरीके से दर्शाया।
इस आयोजन के माध्यम से युवा पीढ़ी को लोकतंत्र के प्रति समर्पण, आत्म-अनुशासन और विभिन्न विचारों के प्रति सहिष्णुता का पाठ पढ़ाया गया। साथ ही, छात्रों को संसदीय प्रक्रियाओं और चर्चा-बहस की कला से अवगत कराया गया। यह प्रतियोगिता युवाओं को देश की लोकतांत्रिक प्रणाली की बारीकियों को समझने और उसमें सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करती है।
इस तरह के आयोजन युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनाने और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होते हैं। कार्यक्रम में संयुक्त संचालक शिक्षा हेमंत उपाध्याय, जिला शिक्षा अधिकारी सरगुजा अशोक कुमार सिंहा, सहायक संचालक संभागीय कार्यालय विनोद राय, प्रवीण सिन्हा, समग्र शिक्षा से रमेश सिंह, रवि शंकर तिवारी, रवि शंकर पांडेय, संजय सिंह, दिनेश शर्मा सहित संजीव सिंह, सर्वजीत पाठक, सतीश पांडेय अंबिकापुर विकासखंड शिक्षा अधिकारी गोपाल कृष्णा दुबे, एबीईओ सतीश तिवारी, बीआरसी संजीव भारती सहित स्कूल शिक्षा विभाग के विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य एवं शिक्षकों ने सहभागिता की इसमें कार्यक्रम में निर्णायक के रूप मे आशीष दुबे सेवानिवृत्ति सहायक संचालक, दिवाकर शर्मा सेवानिवृत प्राचार्य एवं श्रीमती लीना थॉमस प्राचार्य सेजस सोहगा की भूमिका रही।