
सरगुजा पुलिस की सख्ती: डीजे संचालन के नए नियम, अनुमति और ध्वनि नियंत्रण पर निर्देश
सरगुजा पुलिस की सख्ती: डीजे संचालन के नए नियम, अनुमति और ध्वनि नियंत्रण पर निर्देश
अंबिकापुर, सरगुजा | 25 फरवरी 2024 । सरगुजा जिले के थाना कोतवाली पुलिस टीम ने डीजे संचालकों के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की, जिसमें ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक का मुख्य उद्देश्य धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना, अनाधिकृत डीजे संचालन पर रोक लगाना एवं धार्मिक सौहार्द बनाए रखना था।
बैठक में थाना प्रभारी मनीष सिंह परिहार, प्रधान आरक्षक छत्रपाल सिंह सहित क्षेत्र के डीजे संचालक उपस्थित रहे। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि डीजे संचालन से पूर्व विधिवत अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। साथ ही, डीजे की आवाज तय मानकों के भीतर रखनी होगी ताकि ध्वनि प्रदूषण न फैले।
पुलिस ने दिए सख्त निर्देश, नियमों का पालन अनिवार्य
बैठक में डीजे संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि—
1. डीजे संचालन के लिए अनिवार्य अनुमति
किसी भी सामाजिक, धार्मिक या सांस्कृतिक कार्यक्रम, रैली, जुलूस आदि में डीजे बजाने से पहले प्रशासन से अनुमति लेनी होगी।
डीजे संचालक को एक रजिस्टर संधारित करना होगा, जिसमें डीजे किराए पर लेने वाले व्यक्ति की पूरी जानकारी, पहचान पत्र एवं अनुमति पत्र दर्ज किया जाएगा।
2. ध्वनि मानकों का पालन अनिवार्य
रात्रि 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
ध्वनि का स्तर सरकार द्वारा निर्धारित डेसिबल सीमा के भीतर रखना अनिवार्य होगा।
3. धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले गीतों पर प्रतिबंध
किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले, भड़काऊ या आपत्तिजनक गीतों को बजाने पर सख्त पाबंदी रहेगी।
नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर डीजे उपकरण जब्त कर लिए जाएंगे एवं संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
4. सामान्य साउंड बॉक्स के उपयोग को मिलेगा बढ़ावा
पुलिस प्रशासन ने डीजे संचालकों से डीजे की जगह सामान्य साउंड बॉक्स के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की।
इससे न केवल ध्वनि प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि आमजन को अनावश्यक शोरगुल से भी राहत मिलेगी।
डीजे संचालकों की सहमति, नियमों का पालन करने का आश्वासन
बैठक के दौरान पुलिस अधिकारियों ने डीजे संचालकों को समझाया कि नियमों का पालन सुनिश्चित करना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रति उनकी भी जिम्मेदारी बनती है। सभी डीजे संचालकों ने निर्देशों का पालन करने की सहमति जताई और भरोसा दिलाया कि वे धार्मिक, सामाजिक सद्भावना बनाए रखने में सहयोग करेंगे।
थाना प्रभारी मनीष सिंह परिहार ने कहा,
“हमारा उद्देश्य डीजे संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाना नहीं, बल्कि इसे नियमों के भीतर नियंत्रित करना है ताकि ध्वनि प्रदूषण कम हो और किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस न पहुंचे। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में डीजे जब्ती और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
डीजे संचालन पर निगरानी होगी कड़ी, नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि वे डीजे संचालन की निगरानी करेंगे और कोई भी अनाधिकृत डीजे बजाने पर तुरंत कानूनी कार्रवाई करेंगे।
यदि कोई बिना अनुमति डीजे बजाता है, तय सीमा से अधिक ध्वनि में बजाता है या धार्मिक उन्माद फैलाने वाले गीत बजाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डीजे संचालकों से कहा गया कि वे अपने ग्राहकों को भी इन नियमों की जानकारी दें और अनुमति के बिना डीजे न लगाएं।
डीजे संचालकों और समाज के लिए फायदेमंद कदम
इस पहल से न केवल ध्वनि प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि समाज में सांप्रदायिक सौहार्द भी मजबूत होगा। बुजुर्गों, बीमार व्यक्तियों और बच्चों को अनावश्यक शोरगुल से राहत मिलेगी।
बैठक के समापन पर डीजे संचालकों ने पुलिस प्रशासन को सहयोग देने और तय नियमों के दायरे में रहकर ही डीजे संचालन करने की बात कही।
सरगुजा पुलिस का यह कदम ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने, धार्मिक सौहार्द बनाए रखने और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। प्रशासन के इस प्रयास से डीजे संचालकों को भी नियमबद्ध ढंग से कार्य करने का अवसर मिलेगा और समाज में शांति और व्यवस्था बनी रहेगी।








