जिला शिक्षा अधिकारी भारती वर्मा ने किया शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अजबनगर का आकस्मिक निरीक्षण, समस्त स्टाफ पाए गए अनुपस्थित

जिला शिक्षा अधिकारी भारती वर्मा ने किया शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अजबनगर का आकस्मिक निरीक्षण, समस्त स्टाफ पाए गए अनुपस्थित

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM

सूरजपुर| 26 फरवरी 2025| जिले में शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने और विद्यालयों में अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) श्रीमती भारती वर्मा ने आज सुबह शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अजबनगर का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान विद्यालय की अव्यवस्थाओं ने गंभीर चिंता उत्पन्न कर दी।

विद्यालय में अनुशासनहीनता पर डीईओ की कड़ी नाराजगी

जब जिला शिक्षा अधिकारी विद्यालय परिसर पहुंचीं, तो उन्होंने पाया कि न केवल विद्यालय के प्राचार्य बल्कि समस्त शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक स्टाफ भी अनुपस्थित थे। यह स्थिति शिक्षा विभाग के नियमों और निर्देशों की गंभीर अवहेलना को दर्शाती है। विद्यालय खुलने के समय तक कोई भी शिक्षक या कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे विद्यार्थियों में अनुशासनहीनता की स्थिति बनी हुई थी।

डीईओ ने स्वयं कराई प्रार्थना सभा

विद्यालय परिसर में पहुंचने पर श्रीमती भारती वर्मा ने देखा कि निर्धारित समय पर प्रार्थना सभा नहीं हो रही थी, जिससे उन्होंने तत्काल विद्यार्थियों को एकत्रित कर प्रार्थना सभा आयोजित करवाई। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, शिक्षा और नैतिकता के महत्व पर संक्षिप्त संबोधन भी दिया। डीईओ ने बच्चों से उनकी पढ़ाई और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति के बारे में भी जानकारी ली।

विद्यालय प्राचार्य को जारी किया गया कारण बताओ नोटिस

निरीक्षण के उपरांत डीईओ ने विद्यालय प्राचार्य बिरजीनिया केरकेट्टा को अनुपस्थित रहने तथा पूरे स्टाफ की गैरमौजूदगी पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनुशासनहीनता को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि संतोषजनक उत्तर नहीं मिला तो संबंधित अधिकारियों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

विद्यालय की स्थिति पर असंतोष

निरीक्षण के दौरान डीईओ ने विद्यालय की साफ-सफाई और व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने पाया कि विद्यालय परिसर में गंदगी फैली हुई थी, कक्षाओं में उचित सफाई नहीं थी और शैक्षणिक सामग्री भी अव्यवस्थित थी। शौचालयों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं थी। इस पर उन्होंने तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d

शिक्षकों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश

निरीक्षण के पश्चात डीईओ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सभी विद्यालयों की उपस्थिति और शिक्षकों के कार्य व्यवहार पर नियमित निगरानी रखें। उन्होंने जिला शिक्षा विभाग को सभी सरकारी विद्यालयों में सख्त उपस्थिति पद्धति लागू करने और कक्षा संचालन की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा।

विद्यार्थियों की समस्याओं को सुना

निरीक्षण के दौरान डीईओ ने विद्यार्थियों से भी बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। कुछ विद्यार्थियों ने बताया कि शिक्षकों की गैरहाजिरी के कारण पढ़ाई बाधित होती है, जिस पर डीईओ ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए तत्काल समाधान के निर्देश दिए।

अभिभावकों में नाराजगी

इस घटनाक्रम के बाद जब अभिभावकों को विद्यालय की स्थिति की जानकारी मिली तो उन्होंने भी नाराजगी जताई। कुछ अभिभावकों ने बताया कि शिक्षकों की लापरवाही के कारण उनके बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि विद्यालयों में अनुशासन स्थापित करने के लिए नियमित निरीक्षण किए जाएं और लापरवाह शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

जिले में अन्य विद्यालयों का भी होगा निरीक्षण

जिला शिक्षा अधिकारी भारती वर्मा ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए जिले के अन्य सरकारी विद्यालयों का भी औचक निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए कि शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाए।

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अजबनगर का यह निरीक्षण जिले की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। डीईओ द्वारा की गई इस कार्यवाही से यह स्पष्ट संकेत जाता है कि शिक्षा विभाग अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा। शिक्षक और कर्मचारियों की गैरमौजूदगी जैसी गंभीर समस्याओं पर सख्त कार्रवाई होने से निश्चित रूप से शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद की जा सकती है।