
छत्तीसगढ़: नव उद्यमिता को बढ़ावा देने सरकार का बड़ा कदम – मुख्यमंत्री साय
छत्तीसगढ़: नव उद्यमिता को बढ़ावा देने सरकार का बड़ा कदम – मुख्यमंत्री साय
फार्मा, रियल एस्टेट और आईटी क्षेत्र के प्रतिनिधियों से चर्चा, 1.23 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त
रायपुर । 02 मार्च 2025 ।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ नव उद्यमियों और औद्योगिक विकास के लिए अपार संभावनाओं से भरा राज्य है। प्रदेश में वन, खनिज और ऊर्जा संसाधनों की प्रचुरता के साथ-साथ निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। यह राज्य बिजली उत्पादन में सरप्लस राज्यों में शामिल है, जिससे उद्योगों की स्थापना के लिए आवश्यक संसाधन और सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं।
उन्होंने यह बातें राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में फार्मा, रियल एस्टेट और आईटी क्षेत्र के प्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान कहीं। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव डॉ. बसवराजू एस., पी. दयानंद, राहुल भगत, उद्योग सचिव रजत कुमार और प्रबंध संचालक विश्वेष झा सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित उद्योगपतियों और निवेशकों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें प्रमुख रूप से मैनकाइंड फार्मा से गौरव चौहान, एम्बेसी रीट के सीईओ विकास खडोलिया, यूअरस्टोरी की संस्थापक श्रद्धा शर्मा और मायट्री स्कूल ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के फाउंडर रोहित कश्यप शामिल थे।
नई औद्योगिक नीति 2024-30 से निवेशकों को मिल रही सहूलियत
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि राज्य सरकार ने नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू की है, जिससे निवेशकों के लिए उद्योग स्थापित करना पहले की तुलना में अधिक सरल और सुविधाजनक हो गया है।
इस नीति के तहत:
ऑनलाइन आवेदन और त्वरित प्रोसेसिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे निवेश प्रक्रिया तेज़ और पारदर्शी बनी है।
‘सिंगल विंडो 2.0’ प्रणाली लागू की गई है, जिससे सभी आवश्यक स्वीकृतियां सरलता से मिल रही हैं और निवेशकों को किसी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
औद्योगिक पार्कों की स्थापना की जा रही है, ताकि उद्योगपतियों को आवश्यक बुनियादी ढांचा और संसाधन उपलब्ध हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश में आर्थिक विकास को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।
नए औद्योगिक पार्क से उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि राज्य सरकार नए औद्योगिक पार्क स्थापित कर रही है, जिससे प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
इन औद्योगिक पार्कों से:
निवेशकों को आवश्यक बुनियादी ढांचे की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
उद्योगपतियों को सुलभ और निवेश-अनुकूल वातावरण मिलेगा।
नव उद्यमियों को एक मजबूत व्यावसायिक इकोसिस्टम मिलेगा।
औद्योगिक इकाइयों की संख्या बढ़ेगी, जिससे रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार की इस पहल से छत्तीसगढ़ में एक सशक्त औद्योगिक माहौल तैयार होगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
1.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त, सेमीकंडक्टर और एआई सेक्टर को बढ़ावा
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद से अब तक छत्तीसगढ़ को 1.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं।
इन प्रस्तावों में प्रमुख रूप से एआई, आईटी, डाटा सेंटर, फार्मास्युटिकल, रियल एस्टेट और रोबोटिक्स जैसे उभरते हुए सेक्टरों को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया गया है।
छत्तीसगढ़ में पहली बार सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर और एआई आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए निवेश प्रस्ताव मिले हैं। यह प्रदेश के औद्योगिक विकास में एक नया अध्याय जोड़ेगा और छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों की श्रेणी में ला खड़ा करेगा।
उद्योग जगत से सकारात्मक संवाद, निवेशकों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन
मुख्यमंत्री साय ने बैठक में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार उद्यमियों को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य की औद्योगिक नीति पारदर्शी, स्पष्ट और निवेशक-अनुकूल है, जिससे देश-विदेश के उद्योगपति प्रदेश में व्यापार स्थापित कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार उनके व्यवसाय को सफल बनाने के लिए हर संभव सहयोग देगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल निवेश आकर्षित करना ही नहीं है, बल्कि उद्योगों के लिए स्थायी और लाभदायक वातावरण तैयार करना भी है।
छत्तीसगढ़: एक नवाचार और निवेश का हब बनने की ओर अग्रसर
राज्य सरकार की नीतियों और प्रयासों से यह स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ एक मजबूत औद्योगिक केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
फार्मास्युटिकल, आईटी, एआई, रोबोटिक्स और सेमीकंडक्टर जैसे उच्च तकनीकी क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा मिलने से प्रदेश में उद्योगों की विविधता भी बढ़ेगी।
इन प्रयासों से न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे, जिससे प्रदेश के युवाओं को फायदा होगा।
मुख्यमंत्री साय ने निवेशकों से अपील की कि वे छत्तीसगढ़ में आकर अपने उद्योग स्थापित करें और प्रदेश के औद्योगिक विकास में भागीदार बनें।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार निवेशकों और नव उद्यमियों के साथ हर कदम पर खड़ी रहेगी और उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान करेगी।
इस प्रकार, नई औद्योगिक नीति और निवेशकों के लिए किए गए प्रयासों के चलते छत्तीसगढ़ जल्द ही भारत के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में अपनी पहचान बनाएगा।











