छत्तीसगढ़ में नई नक्सल नीति, जल सूचना केंद्र और सुशासन फेलोशिप योजना को हरी झंडी

मंत्रिपरिषद के बड़े फैसले: नक्सल नीति, जल प्रबंधन, सुशासन फेलोशिप और औद्योगिक सुरक्षा बल विधेयक को मंजूरी

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रायपुर, 14 मार्च 2025 – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में नक्सल समस्या के समाधान के लिए नई नीति को मंजूरी दी गई, औद्योगिक सुरक्षा बल विधेयक का अनुमोदन किया गया, जल प्रबंधन को मजबूत करने के लिए राज्य जल सूचना केंद्र (SWIC) की स्थापना का निर्णय लिया गया और युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सुशासन फेलोशिप योजना की शुरुआत की गई।

छत्तीसगढ़ में नई नक्सल उन्मूलन नीति को मंजूरी
राज्य में नक्सल समस्या के समाधान के लिए नई “छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति-2025” को मंजूरी दी गई है। यह नीति छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति-2023 की जगह लेगी। इसके तहत आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को आर्थिक सहायता, पुनर्वास, शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।

इस नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास केंद्रों में रखा जाएगा, जहां उन्हें रोजगार और शिक्षा के अवसर प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा, नक्सली हिंसा के पीड़ितों को भी मुआवजा और पुनर्वास सहायता दी जाएगी। राज्य सरकार का मानना है कि इस नीति से माओवादियों को मुख्यधारा में लौटने का अवसर मिलेगा और प्रदेश में शांति स्थापित करने में मदद मिलेगी।

छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल विधेयक 2025 को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल विधेयक-2025 को विधानसभा में प्रस्तुत करने के लिए स्वीकृति दी है। इस विधेयक के तहत राज्य में औद्योगिक परिसरों, सरकारी संस्थानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष औद्योगिक सुरक्षा बल गठित किया जाएगा।

इस कदम से राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि सुरक्षा की गारंटी मिलने पर उद्योगपति और व्यापारी ज्यादा आत्मविश्वास के साथ निवेश करेंगे।

सहकारी सोसाइटी (संशोधन) विधेयक 2025 को हरी झंडी
राज्य में सहकारी समितियों के बेहतर संचालन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी (संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप को स्वीकृति दी गई है। इस विधेयक का उद्देश्य सहकारी समितियों में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देना है, जिससे किसानों, श्रमिकों और छोटे व्यापारियों को अधिक लाभ मिल सके।

निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक को स्वीकृति
शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने के लिए मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक-2025 को मंजूरी दी है। यह विधेयक निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना और संचालन से संबंधित नियमों को अधिक प्रभावी बनाएगा, जिससे उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिलेंगे।

फिल्म “छावा” को किया गया टैक्स फ्री
मुख्यमंत्री ने 27 फरवरी को मराठी फिल्म “छावा” को राज्य में टैक्स फ्री करने की घोषणा की थी। मंत्रिपरिषद ने इस निर्णय पर मुहर लगाते हुए राज्य माल और सेवा कर (SGST) की प्रतिपूर्ति किए जाने की मंजूरी दे दी है।

यह फिल्म छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन पर आधारित है और इसे कर मुक्त करने का उद्देश्य ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देना है। इससे फिल्म को देखने के लिए अधिक लोग प्रेरित होंगे और राज्य में सिनेमा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

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जल संसाधन प्रबंधन के लिए राज्य जल सूचना केंद्र (SWIC) की स्थापना
राज्य में जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और वैज्ञानिक योजना बनाने के लिए राज्य जल सूचना केंद्र (State Water Information Center – SWIC) स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) करने की सहमति प्रदान की गई है।

SWIC निम्नलिखित कार्य करेगा:

वर्षा, नदी और जलाशयों के स्तर, भूजल की गुणवत्ता, गाद, नहरों में जल प्रवाह, फसल कवरेज, जलभृत मानचित्रण, भूमि और मिट्टी के डेटा का संग्रह और विश्लेषण।
जल संसाधनों के कुशल प्रबंधन के लिए प्रमाणिक डेटा उपलब्ध कराना।
नीति निर्माण और रणनीतिक निर्णय लेने में सहायता करना।
SWIC, नेशनल वाटर इंफॉर्मेशन सेंटर (NWIC) द्वारा विकसित डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करेगा, जिससे जल प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

राज्य के 9 बांधों के सुधार के लिए 522.22 करोड़ का ऋण
मंत्रिपरिषद ने जल संसाधन विभाग के अंतर्गत 9 प्रमुख बांधों के सुधार कार्यों के लिए 522.22 करोड़ रुपए के ऋण को स्वीकृति दी है। यह ऋण भारत सरकार के माध्यम से प्राप्त किया जाएगा।

इन बांधों में शामिल हैं:

मनियारी टैंक
घोंघा टैंक
दुधावा
किंकारी
सोंढूर
मूरूमसिल्ली (भाग-2)
रविशंकर सागर परियोजना (भाग-2)
न्यूज रूद्री बैराज
पेण्ड्रावन टैंक
इन जलाशयों के सुधार से सिंचाई सुविधा में सुधार होगा, जल संग्रहण क्षमता बढ़ेगी और किसानों को लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना की शुरुआत
राज्य में सुशासन और नीति क्रियान्वयन को सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

यह योजना आईआईएम रायपुर और ट्रांसफार्मिंग रूरल इंडिया फाउंडेशन, नई दिल्ली के सहयोग से संचालित की जाएगी। इसके तहत छत्तीसगढ़ के युवाओं को प्रशासनिक कार्यों से जोड़ने और नीति निर्माण में योगदान देने का अवसर मिलेगा।

योजना की मुख्य विशेषताएं:
यह योजना छत्तीसगढ़ के मूल निवासी युवाओं के लिए होगी।
चयनित फेलो को आईआईएम रायपुर में एमबीए डिग्री प्रदान की जाएगी।
कार्यक्रम दो वर्ष का होगा, जिसमें कुछ समय आईआईएम रायपुर में शैक्षणिक सत्र के लिए होगा और बाकी समय जिला/विभाग में सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों में कार्य करना होगा।
फेलो को राज्य सरकार द्वारा स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा।
इस योजना से युवाओं को नीति निर्माण में शामिल होने का अवसर मिलेगा और राज्य में सुशासन को और मजबूती मिलेगी।

भारत माला परियोजना में भ्रष्टाचार की जांच होगी
राज्य में भारत माला परियोजना के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मंत्रिपरिषद ने इस मामले की आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) से जांच कराने का निर्णय लिया है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मंत्रिपरिषद की यह बैठक कई अहम फैसलों के लिए महत्वपूर्ण रही। नक्सल नीति, जल संसाधन प्रबंधन, औद्योगिक सुरक्षा, शिक्षा सुधार, युवाओं के लिए फेलोशिप योजना और भ्रष्टाचार विरोधी जांच जैसे निर्णय राज्य के विकास और सुशासन को मजबूत करने में सहायक होंगे।