मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नववर्ष पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं, छत्तीसगढ़ की देवी परंपरा का किया गौरवगान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नववर्ष पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं, छत्तीसगढ़ की देवी परंपरा का किया गौरवगान

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

रायपुर, 30 मार्च 2025 – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को नव संवत्सर, चैत्र नवरात्रि और गुड़ी पड़वा की शुभकामनाएं देते हुए छत्तीसगढ़ की समृद्ध देवी परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर को विशेष रूप से रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि हिन्दू नववर्ष का प्रारंभ चैत्र माह के प्रथम दिन से होता है, जो ऊर्जा, संकल्प और चेतना का प्रतीक है। इस दिन से शक्ति उपासना का पावन पर्व नवरात्रि भी आरंभ होता है, जो श्रद्धा और भक्ति का महोत्सव है।

उन्होंने कहा कि गुड़ी पड़वा महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों में नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है, जो आशा, उत्साह और सांस्कृतिक गरिमा को प्रकट करता है। यह पर्व न केवल नवचेतना का संचार करता है, बल्कि सामाजिक समरसता को भी बल प्रदान करता है।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

छत्तीसगढ़ की देवी परंपरा को बताया आस्था का केंद्र

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ की देवी परंपरा का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यह राज्य शक्ति उपासना की समृद्ध परंपरा से जुड़ा हुआ है। यहां मां शीतला, मां दंतेश्वरी, महामाया, बम्लेश्वरी, कंकाली, बिलईमाता और चंद्रहासिनी देवी जैसे विभिन्न स्वरूपों में देवी शक्ति की उपासना होती है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति में नवरात्रि केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि लोकजीवन से जुड़ी गहरी आस्था का परिचायक भी है। यहां देवी मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और भव्य आयोजनों के माध्यम से जन-जन की आस्था प्रकट होती है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे इस अवसर पर अपने संकल्पों को मजबूत करें और राज्य की प्रगति, शांति और समृद्धि के लिए योगदान दें। उन्होंने कहा कि शक्ति उपासना का यह पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति लेकर आए।

 

4o