वक्फ संशोधन अधिनियम पर ममता बनर्जी के फैसले पर भड़के विश्वास सारंग – “देश के कानून का पालन करना हर राज्य की जिम्मेदारी”
भोपाल, मध्य प्रदेश। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा राज्य में वक्फ संशोधन अधिनियम को लागू न करने की घोषणा पर देशभर में सियासी बहस तेज हो गई है। इस मुद्दे पर मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
भोपाल में मीडिया से बात करते हुए विश्वास सारंग ने ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल पर बेजा कब्ज़ा करने के बाद यदि वह यह सोचेंगी कि देश के कानून का पालन नहीं करेंगी, तो ऐसा नहीं चलेगा। उनका बर्ताव और शब्दावली असंवैधानिक है।”
सारंग ने कहा कि भारत संघीय ढांचे के तहत चलता है, लेकिन संविधान के तहत केंद्र सरकार द्वारा पारित कानूनों का पालन राज्यों को करना ही होता है। उनका यह भी कहना था कि ममता बनर्जी का यह कदम संविधान की भावना और राष्ट्र की एकता के खिलाफ है।
क्या है वक्फ संशोधन अधिनियम?
वक्फ अधिनियम का संशोधन केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में किया गया है, जिसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों में पारदर्शिता लाना और विवादों को कम करना है। हालांकि, पश्चिम बंगाल सरकार का कहना है कि यह संशोधन राज्य के अधिकारों में हस्तक्षेप करता है, और इसलिए राज्य में इसे लागू नहीं किया जाएगा।
इस निर्णय को लेकर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। भाजपा नेता जहां इसे संविधान विरोधी बता रहे हैं, वहीं तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि राज्य सरकार का निर्णय पूरी तरह वैधानिक है और वे केंद्र से टकराकर भी राज्य हितों की रक्षा करेंगे।
सारंग का निशाना – “राजनीतिक स्वार्थ के लिए नियमों की अनदेखी”
मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि ममता बनर्जी अल्पसंख्यक तुष्टिकरण की राजनीति के चलते ऐसे फैसले ले रही हैं जो देश की एकता और कानून व्यवस्था के लिए खतरा हैं। उन्होंने कहा, “राजनीतिक स्वार्थ के लिए केंद्र के कानून को न मानना गंभीर चिंता का विषय है।”
इस बयान को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया भी सामने आने की उम्मीद है।








