
‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री मोदी ने किया दंतेवाड़ा का उल्लेख, कहा — माओवाद से शिक्षा और विज्ञान की ओर बढ़ रहा है बस्तर
‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री मोदी ने किया दंतेवाड़ा का उल्लेख, कहा — माओवाद से शिक्षा और विज्ञान की ओर बढ़ रहा है बस्तर
सीएम विष्णुदेव साय ने जताया आभार, कहा — बस्तर बना आत्मविश्वास और बदलाव की मिसाल
रायपुर, 25 मई 2025/प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 122वीं कड़ी में छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र, विशेषकर दंतेवाड़ा जिले की उल्लेखनीय प्रगति का जिक्र करते हुए वहां हो रहे बदलावों को “प्रेरणास्पद” बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा, “जिस दंतेवाड़ा में कभी माओवाद चरम पर था, वहां आज शिक्षा का परचम लहरा रहा है।”
उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और बताया कि अब बस्तर के बच्चे साइंस के प्रति पैशनेट हैं और खेलों में भी कमाल कर रहे हैं।
साइंस लैब और शिक्षा के नए द्वार
प्रधानमंत्री ने माओवादी क्षेत्रों में साइंस लैब स्थापित किए जाने की पहल को सराहते हुए कहा कि इससे बच्चों को वैज्ञानिक सोच विकसित करने का अवसर मिल रहा है।
उन्होंने कहा, “बस्तर के बच्चों का उत्साह दिखाता है कि वे हर चुनौती को पार कर सकारात्मक भविष्य की ओर अग्रसर हैं।”
शिक्षा में उल्लेखनीय प्रदर्शन: दंतेवाड़ा बना टॉपर
प्रधानमंत्री ने खासतौर पर 10वीं और 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणामों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि:
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10वीं बोर्ड में दंतेवाड़ा जिला 95% रिजल्ट के साथ टॉप पर रहा।
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12वीं बोर्ड में जिले ने छठवां स्थान हासिल किया।
प्रधानमंत्री ने इसे “साहस और संकल्प की जीत” बताया और कहा कि इस बदलाव से देश को गर्व होता है।
बस्तर ओलंपिक की फिर हुई चर्चा
प्रधानमंत्री ने बस्तर ओलंपिक को एक “सामाजिक क्रांति” की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन सिर्फ खेल नहीं, बल्कि युवाओं को हिंसा से हटाकर सृजन की राह पर लाने का एक सफल प्रयास है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया आभार
प्रधानमंत्री के उद्बोधन पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री के विकसित भारत अभियान के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। बस्तर जैसे क्षेत्रों में बदलाव के बीज बोए जा चुके हैं और अब वह पूरे राज्य में आशा की फसल बनकर उभर रहे हैं।”









