पलामू में चतुर्थवर्गीय पदों की नियुक्ति पर रोक, सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा फैसला

पलामू में चतुर्थवर्गीय नियुक्ति प्रक्रिया पर मुख्यमंत्री की रोक, वित्त मंत्री की आपत्ति के बाद लिया गया निर्णय

📅 रांची/पलामू | 22 जून 2025 / राज्य सरकार ने पलामू जिले में चल रही चतुर्थवर्गीय पदों की नियुक्ति प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह निर्णय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की आपत्ति और अनुशंसा के बाद लिया है।

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गौरतलब है कि वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बीते दिन राज्य कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे को उठाया था और आज उन्होंने मुख्य सचिव अलका तिवारी से बातचीत कर इस प्रक्रिया में पाई गई विसंगतियों की जानकारी साझा की।

नियुक्ति में पारदर्शिता की मांग

वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि वर्तमान में चतुर्थवर्गीय पदों की नियुक्ति बिहार सरकार की पुरानी नियमावली के आधार पर की जा रही है, जबकि झारखंड राज्य में अभी तक इस वर्ग के लिए स्वतंत्र नियमावली नहीं बनी है। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था राज्य के युवाओं के हित में नहीं है।

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उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व में लिखित परीक्षा के आधार पर चौकीदार पदों की बहाली हुई थी, लेकिन इस बार मात्र शैक्षणिक अंकों के आधार पर नियुक्ति की जा रही है, जो न्यायसंगत नहीं है।

स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता की मांग

किशोर ने कहा कि प्रत्येक वर्ष हजारों झारखंडी युवा रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करते हैं। ऐसे में आवश्यक है कि कम से कम चतुर्थवर्गीय पदों पर स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि ये पद ही ऐसे हैं जिनसे राज्य के विभिन्न जिलों के बेरोजगारों को राहत मिल सकती है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पलामू जिले में सभी चतुर्थवर्गीय नियुक्तियों पर रोक लगाई जाए और इस दौरान नई राज्य स्तरीय नियमावली तैयार की जाए जिससे हर जिले के स्थानीय युवाओं को रोजगार में अवसर मिल सके।