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CG – 3 डिप्टी रेंजर सहित 11 वनकर्मी गिरफ्तार, इस वजह से हुई कार्रवाई, जाने पूरा मामला..!!

सुकमा। छत्तीसगढ़ के तेंदूपत्ता बोनस घोटाला मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में तीन डिप्टी रेंजर, वनोपज समिति के सात कर्मियों समेत 11 लोग हैं। सभी को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया है।

मामला वर्ष 2021 और 22 का है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को प्रदान किए जाने वाले प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि में डीएफओ,डिप्टी रेंजर,वनोपज समिति के प्रबंधकों ने मिलकर घोटाला किया। मृतकों और ऐसे ग्रामीणों को तेंदूपत्ता संग्राहक बताया गया जिनका तेंदूपत्ता संग्रहण से कोई वास्ता नहीं था। सभी के नाम से तेंदूपत्ता संग्रहण की पारिश्रमिक राशि बना उसे फर्जी दस्तावेजों के सहारे अधिग्रहण कर लिया गया। इसके लिए डीएफओ,डिप्टी रेंजर और वनोपज समिति के प्रबंधकों ने सिंडिकेट बना कर घोटाले को अंजाम दिया।

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घोटाले की शिकायत मिलने पर एंटी करप्शन ब्यूरो ने इसकी जांच शुरू की। साक्ष्य एकत्र होने पर 17 अप्रैल 2025 को सुकमा के तत्कालीन डीएफओ अशोक कुमार पटेल की पहली गिरफ्तारी की गई। जांच आगे बढ़ी तो चार वनकर्मियों और सात वनोपज समिति के प्रबंधकों को भी गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों में सुकमा वनमण्डल के डिप्टी रेंजर चैतूराम बघेल,देवनाथ भारद्वाज और पोडियामी इडिमा उर्फ हिडमा शामिल है। इसके अलावा वनरक्षक मनीष कुमार बारसे और वनोपज समिति के प्रबंधकों में पायम सत्यनारायण उर्फ शत्रु, मोहम्मद शरीफ, सीएच रमना, सुनील नुप्पो, रवि कुमार गुप्ता, आयतू कोरसा और मनोज कवासी भी गिरफ्तार हुए है।

गिरफ्तार आरोपियों को दंतेवाड़ा एसीबी कोर्ट में पेश किया गया और अदालत के आदेश से उन्हें जेल भेज दिया गया। मामले में आगे की जांच एसीबी कर रही है।। इसमें भविष्य में और भी गिरफ्तारियों की संभावना है।

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