
जेपी नड्डा पर भूपेश बघेल का बड़ा आरोप, बोले– झीरम शहीदों की शहादत को किया अपमानित
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पर झीरम घाटी हमले के शहीदों का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने नड्डा के बयानों की एनआईए से जांच की मांग की।
रायपुर।छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में भूपेश बघेल ने जेपी नड्डा को “झूठ का अड्डा” बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ दौरे पर आकर उन्होंने झीरम घाटी हमले में शहीद हुए नेताओं का अपमान किया है।
भूपेश बघेल ने कहा कि नड्डा द्वारा कांग्रेस और नक्सलियों के बीच सांठगांठ के आरोप बेहद गंभीर हैं और ऐसे में एनआईए सहित तमाम सुरक्षा एजेंसियों को जेपी नड्डा से पूछताछ कर उनके दावों के सबूत मांगने चाहिए।
उन्होंने कहा,
“नक्सली हमले में हमने अपने नेताओं की जान गंवाई है। इस तरह के आरोप लगाकर उनकी शहादत का अपमान किया जा रहा है।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस सरकार के दौरान यह मांग की जा रही थी कि झीरम हमले के पीछे के षड्यंत्रकारियों की पहचान हो, तब भाजपा ने अदालतों में याचिकाएं लगाकर जांच को क्यों रोका। उन्होंने पूछा कि भाजपा आखिर क्यों नहीं चाहती थी कि साजिशकर्ताओं का नाम सामने आए।
भूपेश बघेल ने आगे कहा कि अब जब झीरम हमले के कथित आरोपी हिरासत में हैं, तो क्या उनसे षड्यंत्र को लेकर पूछताछ की जाएगी या नहीं, इसका जवाब भाजपा को देना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस भी नक्सलवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई के पक्ष में है और आज जिस रास्ते पर चलकर नक्सलवाद कमजोर हुआ है, उसकी नींव कांग्रेस सरकार के समय रखी गई थी। लेकिन भाजपा उस नीति को दरकिनार कर रही है।
भूपेश बघेल ने भाजपा की 15 साल की सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि
“जब प्रदेश में भाजपा की सरकार थी, तब नक्सलवाद क्यों नहीं खत्म हुआ? उस दौरान बड़े पैमाने पर नरसंहार हुए, आदिवासी मारे गए और करीब 700 गांव खाली हो गए।”
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सुरक्षा सलाहकार केपीएस गिल को लेकर गैर-जिम्मेदाराना बयान दिए गए थे।









