एम्स रायपुर भारत का पहला सरकारी संस्थान जो प्रदान करेगा रोबोटिक सर्जरी की सुविधा,सीएम साय करेंगे शुभारंभ

रायपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर, 6 सितंबर 2025 को अपनी अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी सेवा का शुभारंभ करने जा रहा है, जो मध्य भारत में शल्य चिकित्सा सेवाओं की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह पहल छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक उपलब्ध कराने के संस्थान के संकल्प को दर्शाती है।

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इस कार्यक्रम की तैयारी के अंतर्गत, लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त), कार्यकारी निदेशक, एम्स रायपुर एवं लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मवीर सिंह चौहान, उप निदेशक (प्रशासन) ने माननीय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ विष्णु देव साय से शिष्टाचार भेंट की और उन्हें इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया।

माननीय मुख्यमंत्री ने एम्स रायपुर द्वारा उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निरंतर प्रयासों की सराहना की और इस परिवर्तनकारी पहल के लिए अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। रोबोटिक सर्जरी एक आधुनिक शल्य चिकित्सा तकनीक है, जिसमें सर्जन एक विशेष कंसोल के माध्यम से रोबोटिक भुजाओं को नियंत्रित करता है, जिससे अत्यधिक सटीकता, लचीलापन और नियंत्रण प्राप्त होता है।

यह प्रणाली 3डी उच्च-गुणवत्ता वाला दृश्य प्रदान करती है और हाथों के कंपन को समाप्त करती है, जिससे सीमित स्थानों में भी जटिल सर्जरी संभव हो पाती है। यह तकनीक विशेष रूप से मूत्ररोग, स्त्री रोग और आंत्र सर्जरी जैसे क्षेत्रों में लाभकारी है, जहाँ पारंपरिक सर्जरी में तकनीकी चुनौतियाँ होती हैं।

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रोगी के दृष्टिकोण से, रोबोटिक सर्जरी के कई लाभ हैं, जैसे कि छोटे चीरे, कम रक्तस्राव, न्यूनतम पोस्टऑपरेटिव दर्द, और तेज़ रिकवरी। इसकी अत्यधिक सटीकता और स्थिरता से जटिलताओं का खतरा कम होता है और शल्य क्रिया के बाद बेहतर कार्यात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं—विशेष रूप से प्रोस्टेट, गर्भाशय और आंत्र से जुड़ी जटिल सर्जरी में, जिससे रोगियों को बेहतर कंटिनेंस और यौन क्रियाशीलता बनाए रखने में सहायता मिलती है। हालांकि, यह तकनीक तुलनात्मक रूप से अधिक महंगी है, लेकिन कम अस्पताल प्रवास और शीघ्र पुन: सामान्य जीवन की ओर लौटने से इसकी लागत उचित साबित होती है।

इस उन्नत कार्यक्रम की शुरुआत के साथ, एम्स रायपुर मध्य भारत का पहला सरकारी संस्थान बन जाएगा , जो रोबोटिक शल्य चिकित्सा की सुविधा प्रदान करेगा. यह सुविधा न केवल रोगियों के लिए लाभकारी होगी, बल्कि आगामी पीढ़ी के सर्जनों को मिनिमली इनवेसिव और प्रिसिजन-बेस्ड तकनीकों में प्रशिक्षण देने के लिए एक उत्कृष्ट केंद्र भी बनेगी।

लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने कहा रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत एम्स रायपुर के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों के लोगों को स्थानीय स्तर पर विश्व स्तरीय सर्जिकल देखभाल प्राप्त होगी। हमें गर्व है कि माननीय मुख्यमंत्री ने इस परिवर्तनकारी सेवा के उद्घाटन हेतु हमारे आमंत्रण को स्वीकार किया है।