उटंगन नदी के मानसून कालीन जल प्रवाह और उसके संचय को व्यवस्थित किया जाये

उटंगन नदी के मानसून कालीन जल प्रवाह और उसके संचय को व्यवस्थित किया जाये

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— जिला पंचायत अध्यक्ष से सिविल सोसायटी ऑफ़ आगरा की मांग

आगरा, 4 सितम्बर।सिविल सोसायटी ऑफ़ आगरा ने जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया से मुलाक़ात कर उटंगन और खारी नदी के जल प्रवाह को व्यवस्थित करने तथा मानसून के दौरान होने वाले जल संचय के स्थायी प्रबंधन की मांग की।

संस्था के सदस्यों ने कहा कि आगरा जनपद से होकर बहने वाली नदियाँ पाँच क्लाइमेटिक ज़ोन की जलधाराओं से पोषित हैं। इनकी वाटरशेड प्लानिंग और सतही जल के ठहराव संबंधी संभावनाओं को अब तक नज़रअंदाज़ किया गया है।

प्रमुख मांगें:

1. ड्रोन मैपिंग:

उटंगन और खारी नदी की ड्रोन मैपिंग करवाई जाए। विशेष रूप से सिरौली (फतेहपुर सीकरी), मोतीपुरा (फतेहाबाद), अरनोटा और रिहावली गांव जैसे स्थलों पर जल प्रवाह और विस्तार का सटीक आकलन किया जाए।

2. कोट बाँध गेट की मरम्मत:

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कोट बाँध के सेलूस गेट क्षतिग्रस्त हैं, जिससे जल का संचय नहीं हो पाता और यह अनियंत्रित रूप से डिस्चार्ज होता रहता है। इसके लिए आगरा प्रशासन को भरतपुर प्रशासन को पत्र लिखकर तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करनी चाहिए।

3. जल संरक्षण संरचनाओं का अनुरक्षण:

आगरा की जल संचय संरचनाएँ लंबे समय से अनुरक्षण और व्यवस्थित प्रबंधन की प्रतीक्षा कर रही हैं। इनके संरक्षण पर ठोस कदम उठाए जाएँ।

जिला पंचायत अध्यक्ष की प्रतिक्रिया:

डॉ. मंजू भदौरिया ने आश्वस्त किया कि उटंगन नदी और उसके जल स्रोत आगरा के गिरते भूजल स्तर को सुधारने के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि—

ड्रोन मैपिंग के प्रयास किए जाएंगे।

राजस्थान सरकार और संबंधित विभागों को पत्र लिखकर सहयोग मांगा जाएगा।

मानसून कालीन वर्षा जल की हर बूंद को अधिकतम समय तक संरक्षित रखने और व्यवस्थित डिस्चार्ज पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

प्रतिनिधिमंडल में उपस्थित:

अनिल शर्मा (सेक्रेटरी, सिविल सोसायटी ऑफ़ आगरा)

राजीव सक्सेना

असलम सलीमी