
“राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मध्यप्रदेश के 2 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया”
"शिक्षक दिवस 2025 पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मध्यप्रदेश के दमोह की शिक्षिका शीला पटेल और आगर-मालवा के शिक्षक भेरूलाल ओसारा को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया। दोनों ने शिक्षा में नवाचार और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।"
“राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मध्यप्रदेश के 2 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया”
“शिक्षक दिवस 2025 पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मध्यप्रदेश के दमोह की शिक्षिका शीला पटेल और आगर-मालवा के शिक्षक भेरूलाल ओसारा को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया। दोनों ने शिक्षा में नवाचार और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।”
राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने प्रदेश के 2 शिक्षकों को प्रदान किया राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार
शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिये सम्मानित हुए मध्यप्रदेश के शिक्षक
भोपाल : शुक्रवार, सितम्बर 5, 2025, शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने मध्यप्रदेश के दो शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया। इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान भी मौजूद रहे। पुरस्कार स्वरूप शिक्षकों को शॉल-श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
प्राथमिक शिक्षिका श्रीमती शीला पटेल
दमोह जिले की शासकीय प्राथमिक शाला देवरान टपरिया में पदस्थ श्रीमती पटेल ने शिक्षा को खेल-खेल में आनंदमयी बनाने का अनूठा प्रयास किया। उन्होंने गीत, कविता, कहानी और अभिनय के माध्यम से फाउंडेशन लिटरेसी मिशन (एफएलएन) को सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया।
महिला साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए अवकाश के दिनों में विशेष कक्षाओं का संचालन।
समर कैम्प और विंटर कैम्प का आयोजन।
गांव की गलियों और मोहल्लों में शैक्षिक पटल व लर्निंग प्लेस तैयार करवाए।
शून्य लागत पर टीचिंग-लर्निंग मटेरियल (टीएलएम) का निर्माण कर बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि विकसित की।
प्राथमिक शिक्षक भेरूलाल ओसारा
आगर-मालवा जिले की शासकीय ईपीईएस माध्यमिक शाला में पदस्थ श्री भेरूलाल ओसारा ने विषयों की गहरी समझ के साथ शिक्षण कार्य कर विद्यार्थियों को नैतिकता और सृजनात्मकता से जोड़ा।
विद्यालय में ईको क्लब और क्लैप क्लब के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की पहल।
स्वच्छता, जल संरक्षण, पौधरोपण और प्लास्टिक उन्मूलन पर जागरूकता कार्यक्रम।
नुक्कड़ नाटक, रैलियां, पोस्टर प्रतियोगिता और लेखन कार्यशालाओं का आयोजन।
डिजिटल युग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बच्चों में साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन सेफ्टी की जानकारी दी।
उनके कार्यों से न केवल विद्यार्थी बल्कि आसपास के शिक्षक भी प्रेरित हुए हैं।











