
रजत जयंती पर श्रमिक कल्याण की अनोखी पहल: राज्यभर में स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों से हजारों श्रमिक लाभान्वित
छत्तीसगढ़ राज्य गठन की रजत जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार औद्योगिक स्वास्थ्य और सुरक्षा शिविर आयोजित किए गए। रायपुर, दुर्ग, कोरबा और अन्य जिलों में हजारों श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कर कल्याण सुनिश्चित किया गया।
रजत जयंती पर श्रमिक कल्याण की अनोखी पहल: राज्यभर में स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों से हजारों श्रमिक लाभान्वित

छत्तीसगढ़ राज्य गठन की रजत जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार औद्योगिक स्वास्थ्य और सुरक्षा शिविर आयोजित किए गए। रायपुर, दुर्ग, कोरबा और अन्य जिलों में हजारों श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कर कल्याण सुनिश्चित किया गया।
रायपुर, 20 सितम्बर 2025। छत्तीसगढ़ राज्य गठन की रजत जयंती के अवसर पर 12 से 19 सितम्बर 2025 तक मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्यभर में श्रमिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना, उनकी कार्यक्षमता बढ़ाना और औद्योगिक क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करना था।

राज्य के विभिन्न औद्योगिक जिलों में बड़ी संख्या में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किए गए। रायपुर जिले के उरला एसोसिएशन भवन और सिलतरा सामुदायिक भवन में 1,050 श्रमिकों का परीक्षण किया गया। दुर्ग जिले में भिलाई के मंगल बाजार में 300 और रसमड़ा दशहरा मैदान में 200 श्रमिकों ने लाभ लिया। कोरबा जिले में अडानी पावर, बालको और डीएसपीएम में कुल 835 श्रमिकों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया।
रायगढ़ जिले में 32 कारखानों में आयोजित शिविरों से 3,800 श्रमिक लाभान्वित हुए, वहीं पंजरी प्लांट और नगर निगम ऑडिटोरियम में 1,200 श्रमिकों का परीक्षण हुआ। बिलासपुर जिले के सिरगिट्टी स्थित नर्मदा ड्रिंग्स प्रा.लि. में 1,072 श्रमिक, महासमुंद जिले के बिरकोनी में 254, बलौदाबाजार जिले के बाबाडीह में 350 और कुकुरडीह में 207 श्रमिकों ने परीक्षण कराया।
इसी तरह कवर्धा जिले के राम्हेपुर और पंडरिया स्थित शक्कर कारखानों में 200-200 श्रमिक, जांजगीर-चांपा जिले के बम्नीडीह में 374 और अकलतरा में 400 श्रमिक, सक्ती जिले में आरकेएम पावरजेन डभरा में 296 और डी.बी. पावर बडादरहा में 352 श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। मुंगेली, सूरजपुर, बस्तर, राजनांदगांव और बेमेतरा जिलों में भी सैकड़ों श्रमिक लाभान्वित हुए।
रजत जयंती के अवसर पर 17 सितम्बर को रायपुर इंडोर स्टेडियम में श्रमिक महासम्मेलन का आयोजन भी किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्रमिकों को संबोधित करते हुए कहा कि श्रमिक राज्य की शक्ति और विकास के प्रतीक हैं, और उनका स्वास्थ्य और कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है। महासम्मेलन में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में 300 श्रमिकों का परीक्षण किया गया।
राज्य शासन का मानना है कि श्रमिकों का स्वास्थ्य और सुरक्षा न केवल उनके जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करती है, बल्कि औद्योगिक उत्पादकता और राज्य के समग्र विकास को भी सुनिश्चित करती है। इस पहल से प्रदेश के औद्योगिक विकास और श्रमिक कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।









