एकात्म मानववाद और अंत्योदय आज भी प्रासंगिक – सीतापुर में दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर संगोष्ठी सभा

एकात्म मानववाद और अंत्योदय के विचार आज भी प्रासंगिक – पं. दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर सीतापुर में संगोष्ठी सभा

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

रेणुका सिंह, जगन्नाथ पाणिग्रही, भारत सिंह सिसोदिया, राम कुमार टोप्पो एवं मंजूषा भगत ने रखा विचार – बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की सहभागिता

अंबिकापुर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती के अवसर पर सीतापुर स्थित एम.एल.ए. एजुकेशन सेंटर में एक भव्य संगोष्ठी सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं विधायक रेणुका सिंह, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्रही, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया, विधायक राम कुमार टोप्पो एवं नगर निगम अंबिकापुर की महापौर मंजूषा भगत उपस्थित रहीं और उन्होंने अपने विचार साझा किए।

अपने उद्बोधन में रेणुका सिंह ने कहा कि एकात्म मानववाद केवल राजनीतिक दर्शन नहीं बल्कि एक सामाजिक और सांस्कृतिक क्रांति है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने जिस अंत्योदय का विचार दिया, वह आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की गरीब कल्याण योजनाओं में具 स्पष्ट दिखाई देता है। उनका जीवन यह संदेश देता है कि जब तक अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण नहीं पहुँचती, तब तक राष्ट्र सशक्त नहीं हो सकता।

इस अवसर पर जगन्नाथ पाणिग्रही ने कहा कि उपाध्याय जी का पूरा जीवन राष्ट्र और समाज को समर्पित था। उनका मानना था कि भारत की आत्मा गाँवों में बसती है। इसलिए गांव, किसान और मजदूरों के उत्थान के बिना आत्मनिर्भर भारत की कल्पना अधूरी है। भाजपा के कार्यकर्ता उनके विचारों को आत्मसात कर समाज सेवा को ही राजनीति का उद्देश्य मानते हैं।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

अपने संबोधन में भारत सिंह सिसोदिया ने कहा कि उपाध्याय जी ने संगठन को ही शक्ति और साधन माना। भाजपा का आज का विशाल रूप उनके त्याग और तपस्या का ही परिणाम है। उनका चिंतन हर कार्यकर्ता को यह प्रेरणा देता है कि सेवा और राष्ट्रहित से बड़ा कोई कार्य नहीं। हमें उनके बताए रास्ते पर चलकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना है।

इस अवसर पर विधायक राम कुमार टोप्पो ने कहा कि उपाध्याय जी का जीवन अनुकरणीय था। उन्होंने हमें सिखाया कि सिद्धांतों और आदर्शों से समझौता किए बिना भी राष्ट्र निर्माण किया जा सकता है। आज की नई पीढ़ी को उनके विचारों से जोड़ना समय की मांग है ताकि युवा राष्ट्र सेवा की ओर प्रेरित हों।

महापौर मंजूषा भगत ने अपने उद्बोधन में कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने राजनीति को केवल सत्ता प्राप्ति का माध्यम न मानकर सेवा का माध्यम बनाया। उनका सादा जीवन, उच्च विचार और संगठन के प्रति निष्ठा हर जनप्रतिनिधि के लिए आदर्श है। आज हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम उनके विचारों को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाएँगे।

कार्यक्रम में अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। संचालन देवनाथ सिंह पैकरा ने किया एवं आभार प्रदर्शन अनिल अग्रवाल ने प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता राजा राम भगत, देवनारायण यादव, विनोद हर्ष, जन्मेजय मिश्रा, हरमिंदर टिन्नी, मधु चौदाहा, नीलेश सिंह, अजय प्रताप सिंह, रोशन गुप्ता, इंदर भगत, विकास पांडे, श्रवण दास, बालनाथ यादव, त्रिलोचन सदावर्ती, भगत सिंह पैंकरा, मनोज कंसारी, श्रीराम यादव, रामदयाल चौहान, सेतराम बड़ा, सुनिल गुप्ता, निखिल पालवे, नीरु मिस्त्री, विश्वनाथ यादव, मोहित नामदेव, आशीष गुप्ता, सतीश जायसवाल, शशिकांत जयसवाल, बिन्धेश्वरी पैंकरा, ईलू गुप्ता, नेमलाल गुप्ता, ललिता तिर्की, सरोज गुप्ता, संगीता कंसारी, स्नेहलता संध्या जायसवाल, नीलम राजवाड़े, प्रियंका गुप्ता, बबली नेताम, संजीव वर्मा, बालेश्वर यादव, राधा यादव , सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।