रामलला दर्शन ने दी आध्यात्मिक शांति और सुकून
वृद्धा शशी राव को छत्तीसगढ़ शासन की तीर्थ यात्रा योजना से मिला सुनहरा अवसर
कोरबा, 28 सितम्बर 2025। पति के निधन के बाद वृद्धा शशी राव ने कभी नहीं सोचा था कि वह अयोध्या जाकर रामलला का दर्शन कर पाएंगी। लेकिन छत्तीसगढ़ शासन की श्री रामलला दर्शन तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत चयनित होने पर उन्हें यह सौभाग्य प्राप्त हुआ।
पाली विकासखंड के ग्राम परसदा की निवासी शशी राव ने बताया कि जब से अयोध्या में राम मंदिर बना और भगवान श्रीराम विराजमान हुए, तभी से उनकी मनोकामना थी कि वे भी श्रीरामलला के दर्शन करें। आवेदन के बाद जब उनका नाम लॉटरी में निकला तो उन्होंने खुद को बेहद सौभाग्यशाली माना।
वे बताती हैं कि गांव के अन्य चयनित यात्रियों के साथ वे बस से बिलासपुर रेलवे स्टेशन पहुंचीं, जहां यात्रियों का स्वागत-अभिनंदन हुआ। इसके बाद विशेष ट्रेन में भजन-कीर्तन और जयकारों के बीच यात्रा का अनुभव अविस्मरणीय रहा। बनारस और फिर अयोध्या पहुंचकर रामलला के भव्य मंदिर व प्रतिमा का सजीव दर्शन उनके जीवन का सबसे सुखद क्षण साबित हुआ।
शशी राव ने कहा—
“अब तक मैं सुनती ही आई थी, लेकिन जब रामलला का साक्षात दर्शन किया तो लगा मानो कोई सपना सच हो गया। इस यात्रा ने जीवनभर की स्मृतियों को संजो दिया।”
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने यात्रियों के लिए बस, ट्रेन, नाश्ता, भोजन और रहने की पूरी व्यवस्था निशुल्क की। शशी राव मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और राज्य सरकार का आभार जताते हुए कहती हैं कि “गरीब परिवारों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है।”
20 अगस्त 2025 को संपन्न इस यात्रा के बाद अब वृद्धा शशी राव वृंदावन और जगन्नाथ पुरी की तीर्थ यात्रा करने की इच्छा रखती हैं।











