झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा पर मदगड़ी में उभर रहा आस्था का नया केंद्र — बाबा दिलीप कुशवाहा के दरबार में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़

बलरामपुर, 08 अक्टूबर 2025। झारखंड सीमा से लगे छत्तीसगढ़ के ग्राम पंचायत मदगड़ी में इन दिनों आस्था का अनोखा केंद्र विकसित हो रहा है। यहां के बाबा दिलीप कुशवाहा के दरबार में हर दिन सैकड़ों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। बाबा किसी तंत्र-मंत्र का प्रयोग नहीं करते, बल्कि माता दुर्गा के सामने श्रद्धा से अर्जी लगाते हैं और पूजा-पाठ के विधि-विधान बताते हैं।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, बाबा पहले एक सामान्य व्यक्ति थे और मोटर पार्ट्स रिपेयरिंग का काम करते थे। लेकिन कुछ वर्ष पहले उन्होंने अचानक भोजन छोड़ दिया और केवल जल ग्रहण करने लगे। धीरे-धीरे उनमें एक आध्यात्मिक परिवर्तन महसूस हुआ और उन्होंने देवी उपासना का मार्ग अपनाया।
अब हर पूर्णिमा को यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता दुर्गा और अन्य शक्तियों की पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। बताया जाता है कि बाबा के परदादा झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा को विभाजित करने वाली कनहर नदी से एक शिवलिंग लाए थे, जिसका आकार पहले लगभग 6 सेंटीमीटर था, जो अब बढ़कर लगभग 1 फीट हो गया है और वह आगे की ओर झुका हुआ है।
गांव के लोग इस चमत्कार को आस्था और विश्वास का प्रतीक मानते हैं।










