
‘अबकी बार मोदी सरकार’ के जनक Ad Guru पीयूष पांडे का निधन; 70 की उम्र में ली अंतिम सांस
भारतीय विज्ञापन के दिग्गज पीयूष पांडे का 70 वर्ष की आयु में मुंबई में निधन। उन्होंने 'ठंडा मतलब कोका कोला' और 'मिले सुर मेरा तुम्हारा' जैसे ऐतिहासिक कैंपेन बनाए थे। अंतिम संस्कार आज (24 अक्टूबर) मुंबई में।
भारतीय विज्ञापन जगत के दिग्गज पीयूष पांडे का निधन: ‘अबकी बार मोदी सरकार’ के जनक ने 70 की उम्र में ली अंतिम सांस
मुंबई: भारतीय विज्ञापन उद्योग (Indian Advertising Industry) के दिग्गज और ‘एड गुरु’ के नाम से मशहूर पीयूष पांडे का 70 वर्ष की आयु में मुंबई में निधन हो गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वे गंभीर संक्रमण से जूझ रहे थे। उनका अंतिम संस्कार आज सुबह 11 बजे मुंबई में किया गया।
पीयूष पांडे के निधन की जानकारी बिज़नेसमैन सोहेल सेठ ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘X’ पर पोस्ट के ज़रिए दी। सोहेल सेठ ने लिखा:
“मेरे सबसे प्यारे दोस्त पीयूष पांडे जैसे जीनियस के खोने से मैं बहुत ज़्यादा दुखी और टूट गया हूँ। भारत ने सिर्फ़ एक महान एडवरटाइज़िंग माइंड ही नहीं, बल्कि एक सच्चे देशभक्त और एक बहुत अच्छे इंसान को खो दिया है।”
सोहेल सेठ ने भावुक होकर आगे कहा कि अब स्वर्ग में ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’ पर डांस होगा।
पीयूष पांडे चार दशकों से ज़्यादा वक्त तक ओगिल्वी इंडिया (Ogilvy India) के साथ जुड़े रहे।
- उन्होंने 1982 में 27 साल की उम्र में अंग्रेज़ी-प्रभुत्व वाले विज्ञापन उद्योग में प्रवेश किया और अपनी रचनात्मकता से इसे हमेशा के लिए बदल दिया।
- वह ओगिल्वी इंडिया के मुख्य रचनात्मक अधिकारी (Chief Creative Officer) के रूप में कार्य करते रहे और उन्हें भारतीय विज्ञापन को देशी भाषा और भारतीय संस्कृति से जोड़ने का श्रेय दिया जाता है।
पीयूष पांडे भारतीय विज्ञापन इतिहास के कई सबसे सफल और यादगार कैंपेनों से जुड़े थे।
- राजनीतिक नारा: उन्होंने लोकसभा चुनाव में बीजेपी के लिए ऐतिहासिक नारा ‘अबकी बार मोदी सरकार’ (Abki Baar Modi Sarkar) लिखा था।
- यादगार अभियान: इसके अलावा, उनके सफल विज्ञापन कैंपेनों में ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’ (एकता का गीत) और ‘ठंडा मतलब कोका कोला’ जैसे बहुचर्चित स्लोगन शामिल हैं।
पीयूष पांडे का जन्म 1955 में जयपुर में हुआ था। उनके भाई प्रसून पांडे जाने-माने डायरेक्टर हैं और उनकी बहन इला अरुण मशहूर सिंगर और एक्ट्रेस हैं। पीयूष ने अपने शुरुआती जीवन में कई साल क्रिकेट भी खेला था। भारतीय विज्ञापन जगत में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।










