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नारी शक्ति: कैसे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ‘महिला-नेतृत्व विकास’ बन रही है भारत की पहचान?





नारी शक्ति: विकसित भारत के संकल्प की नई सारथी – विशेष रिपोर्ट

नारी शक्ति: विकसित भारत के संकल्प की नई सारथी – प्रधानमंत्री मोदी का विजन

नई दिल्ली | 28 मई, 2026

भारत की विकास यात्रा में अब ‘महिला विकास’ की अवधारणा ‘महिला-नेतृत्व विकास’ (Women-led Development) में बदल चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, बीते एक दशक में भारत ने महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति में एक अभूतपूर्व बदलाव देखा है। आज भारत की नारी न केवल आत्मनिर्भर है, बल्कि वह विकसित भारत के 2047 के संकल्प को पूरा करने की सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभरी है।

1. आर्थिक सशक्तिकरण: लखपति दीदी का संकल्प

ग्रामीण भारत की रीढ़ बनी स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की महिला सदस्यों को ‘लखपति दीदी’ बनाने का प्रधानमंत्री मोदी का अभियान एक जन-आंदोलन बन गया है।

  • आंकड़ों की गवाही: पिछले 11 वर्षों में 10 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। सरकार का लक्ष्य 6 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाना है, जिसमें से 3 करोड़ से अधिक महिलाएं पहले ही ₹1 लाख से अधिक की वार्षिक आय के दायरे में आ चुकी हैं।
  • कौशल विकास: लखपति दीदी योजना के अंतर्गत ड्रोन तकनीक (नमो ड्रोन दीदी), सौर ऊर्जा, प्लंबिंग और LED निर्माण जैसे हाई-वैल्यू स्किल्स में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह पहल महिलाओं को केवल आय अर्जन ही नहीं, बल्कि तकनीक के क्षेत्र में भी अग्रणी बना रही है।

2. स्टार्टअप क्रांति और महिला नेतृत्व

भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब है, और इस सफलता में महिलाओं की हिस्सेदारी का बड़ा योगदान है।

  • व्यापक भागीदारी: DPIIT द्वारा मान्यता प्राप्त 2 लाख से अधिक स्टार्टअप्स में से लगभग 45% (करीब 1.02 लाख) स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला निदेशक या भागीदार है।
  • वित्तीय समर्थन: ‘फंड ऑफ फंड्स फॉर स्टार्टअप्स’ और ‘सीड फंड स्कीम’ के माध्यम से महिला उद्यमियों को प्राथमिकता के साथ पूंजी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनके व्यावसायिक विचारों को धरातल पर उतरने का मौका मिल रहा है।

3. नारी शक्ति वंदन अधिनियम: राजनीतिक प्रतिनिधित्व की नई राह

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (106वां संविधान संशोधन) को 21वीं सदी के सशक्तिकरण का ‘महायज्ञ’ करार दिया है।

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  • ऐतिहासिक कदम: 16 अप्रैल 2026 को इस अधिनियम का गजट नोटिफिकेशन जारी होने के साथ ही, लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
  • प्रधानमंत्री का दृढ़ संकल्प: हाल ही में राष्ट्र के नाम संदेश में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं के प्रतिनिधित्व में आने वाली हर बाधा को दूर किया जाएगा। उनका मानना है कि पंचायतों में पहले से ही सक्रिय लाखों अनुभवी महिलाओं को अब बड़ी भूमिकाओं के लिए तैयार रहना चाहिए।

4. जीवन के हर पड़ाव पर सुरक्षा और सहयोग

प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों का केंद्र बिंदु महिलाओं के जीवन की सुगमता रहा है:

  • स्वास्थ्य और स्वच्छता: उज्ज्वला योजना के तहत करोड़ो गैस कनेक्शन, स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालयों का निर्माण और जन औषधि केंद्रों पर 80% तक सस्ती दवाएं।
  • शिक्षा: पीएम आवास योजना के तहत घरों का पंजीकरण महिलाओं के नाम पर प्राथमिकता से करना, सैनिक स्कूलों और नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) के दरवाजे लड़कियों के लिए खोलना, और उच्च शिक्षा में लड़कियों के नामांकन को दोगुना करना।

“नारी शक्ति केवल एक वर्ग नहीं, बल्कि देश की वह ऊर्जा है जो भविष्य के भारत की नींव रख रही है। आज महिलाएं खेतों से फाइटर जेट तक और कॉर्पोरेट बोर्डरूम से लेकर सूक्ष्म उद्यमों तक अपनी धाक जमा रही हैं।” – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

आज की भारतीय महिला आत्मनिर्भरता और विकसित भारत की सबसे मजबूत पहचान है। प्रधानमंत्री मोदी की नीतियां यह सुनिश्चित कर रही हैं कि न केवल शहरों में, बल्कि गांव-गांव में बेटियां अपने सपनों को पंख दें। आने वाले समय में, यह महिला-नेतृत्व वाली विकास यात्रा भारत को वैश्विक पटल पर एक नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।


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