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कतर के शेख हमद के निधन पर भारत में राष्ट्रीय शोक: मुंबई एयरपोर्ट पर आधा झुकाया गया तिरंगा, जानें क्या है प्रोटोकॉल






कतर के पूर्व अमीर शेख हमद के निधन पर भारत में राष्ट्रीय शोक: मुंबई एयरपोर्ट पर आधा झुकाया गया तिरंगा


मुंबई / नई दिल्ली

कतर के पूर्व अमीर शेख हमद के निधन पर भारत में राष्ट्रीय शोक: मुंबई एयरपोर्ट पर झुकाया गया तिरंगा, जानें प्रोटोकॉल और दोनों देशों के संबंध

विशेष कवरेज | अपडेटेड: 13 जुलाई 2026

मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) सहित देश भर के प्रमुख सरकारी प्रतिष्ठानों पर आज भारतीय राष्ट्रीय ध्वज ‘तिरंगा’ आधा झुका दिया गया। कतर के ‘फादर अमीर’ महामहिम शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के आकस्मिक निधन पर गहरा सम्मान प्रकट करते हुए भारत सरकार ने 13 जुलाई 2026 (सोमवार) को एक दिवसीय राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत सभी आधिकारिक मनोरंजन और रंगारंग कार्यक्रमों को निलंबित कर दिया गया है।

1. मुंबई हवाई अड्डे पर प्रोटोकॉल का सख्त पालन

मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा देश के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण द्वारों में से एक है। यहाँ का मुख्य ध्वजस्तंभ भारत की संप्रभुता और वैश्विक जुड़ाव का एक बड़ा प्रतीक माना जाता है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों के तुरंत बाद, हवाई अड्डा प्रशासन ने राष्ट्रीय शोक प्रोटोकॉल को लागू किया।

निर्धारित नियमों के अनुसार, राष्ट्रीय ध्वज को झुकाने से पहले सुबह उसे पूरी ऊंचाई तक फहराया गया और फिर धीरे-धीरे नीचे लाकर आधे पर (Half-Mast) किया गया। हवाई अड्डे के अधिकारियों ने पुष्टि की कि इस दौरान सभी सुरक्षात्मक और औपचारिक मर्यादाओं का पूरी तरह से पालन किया गया। अंतरराष्ट्रीय राजनयिक नियमों के तहत, जब किसी मित्र देश के राष्ट्राध्यक्ष या पूर्व राष्ट्राध्यक्ष का निधन होता है, तो भारत अपनी कूटनीतिक एकजुटता और सम्मान प्रदर्शित करने के लिए इस प्रकार के कदम उठाता है।

फ्लैग कोड ऑफ इंडिया (भारतीय ध्वज संहिता) के अनुसार: जब राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुकाना होता है, तो पहले उसे शीर्ष तक उठाया जाता है, और फिर आधे तक लाया जाता है। सूर्यास्त के समय ध्वज को उतारने से पहले भी एक बार पुनः शीर्ष तक उठाकर ही नीचे उतारा जाता है।

2. भारत सरकार की आधिकारिक घोषणा और विदेश मंत्रालय का बयान

कतर की सर्वोच्च सरकारी संस्था ‘अमीरी दीवान’ द्वारा रविवार सुबह शेख हमद बिन खलीफा अल थानी (74 वर्ष) के निधन की पुष्टि किए जाने के बाद, भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति जारी की। मंत्रालय ने कतर के आधुनिक निर्माता के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए पूरे भारत में 13 जुलाई को राष्ट्रीय शोक की घोषणा की।

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा: “कतर के फादर अमीर महामहिम शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर सम्मान व्यक्त करने के लिए भारत सरकार ने कल, 13 जुलाई 2026 को एक दिवसीय राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। इस दिन पूरे भारत में उन सभी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा जहाँ वह नियमित रूप से फहराया जाता है, और आज के दिन कोई भी आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा।”

कूटनीतिक मोर्चे पर भारत केवल प्रतीकात्मक शोक तक ही सीमित नहीं है। भारत सरकार के आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू जल्द ही कतर की राजधानी दोहा का दौरा करेंगे। वह वहाँ शाही परिवार और कतर की जनता से मिलकर भारत सरकार और देश की जनता की ओर से संवेदनाएं साझा करेंगे।

3. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्त की गहरी संवेदना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर कतर के पूर्व अमीर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और उन्हें एक महान दूरदर्शी तथा भारत का अभिन्न मित्र बताया। पीएम मोदी ने कतर के वर्तमान अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से भी बातचीत की और शाही परिवार के प्रति अपनी सहानुभूति प्रकट की।

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प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पोस्ट में लिखा:

“हम कतर के फादर अमीर, महामहिम शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं। वह एक असाधारण और दूरदर्शी नेता थे, जिन्होंने कतर को विकास और समृद्धि की अभूतपूर्व ऊंचाइयों पर पहुंचाया। हम उन्हें भारत के एक सच्चे मित्र के रूप में याद करते हैं, जिनसे मुझे फरवरी 2024 में मेरी कतर यात्रा के दौरान मिलने का सौभाग्य और सम्मान प्राप्त हुआ था। मैं कतर के अमीर महामहिम शेख तमीम बिन हमद अल थानी, उनके परिवार और कतर की जनता के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ।”

4. कौन थे शेख हमद बिन खलीफा अल थानी? (कतर के आधुनिक निर्माता)

शेख हमद बिन खलीफा अल थानी ने 1995 से 2013 तक कुल 18 वर्षों तक कतर पर शासन किया। उनके शासनकाल को कतर के इतिहास का ‘स्वर्ण युग’ कहा जाता है। उन्होंने एक साधारण खाड़ी देश को दुनिया के सबसे अमीर, आधुनिक और कूटनीतिक रूप से प्रभावशाली देशों की कतार में ला खड़ा किया।

आर्थिक और प्राकृतिक गैस क्रांति

1990 के दशक के मध्य में जब शेख हमद ने कतर की कमान संभाली, तब देश की आर्थिक स्थिति आज जैसी नहीं थी। उन्होंने दूरदर्शिता दिखाते हुए कतर के विशाल प्राकृतिक गैस (LNG – Liquified Natural Gas) भंडार को विकसित करने के लिए भारी निवेश का निर्णय लिया। उनके इस क्रांतिकारी फैसले ने कतर को दुनिया का सबसे बड़ा एलएनजी निर्यातक देश बना दिया। इसके परिणामस्वरूप, कतर की प्रति व्यक्ति आय आसमान छूने लगी और यह वैश्विक अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख वित्तीय केंद्र बन गया।

वैश्विक कूटनीति और अल जज़ीरा की स्थापना

शेख हमद केवल आर्थिक सुधारों तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने कतर को मध्य पूर्व की राजनीति और वैश्विक मध्यस्थता (Global Mediation) में एक अनिवार्य खिलाड़ी बनाया। 1996 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समाचार चैनल ‘अल जज़ीरा’ की स्थापना की, जिसने अरब जगत और वैश्विक मीडिया परिदृश्य को हमेशा के लिए बदल दिया। उनके नेतृत्व में कतर ने दुनिया भर के कई जटिल विवादों में शांति वार्ताकार की भूमिका निभाई।

ऐतिहासिक और स्वेच्छा से सत्ता का हस्तांतरण

आमतौर पर खाड़ी देशों के राजशाही इतिहास में शासक जीवन भर गद्दी पर बने रहते हैं। लेकिन जून 2013 में शेख हमद ने एक और लीक से हटकर फैसला लिया। उन्होंने स्वेच्छा से अपने युवा पुत्र शेख तमीम बिन हमद अल थानी को सत्ता सौंप दी, ताकि देश को नई ऊर्जा और युवा दृष्टिकोण मिल सके। सत्ता छोड़ने के बाद से उन्हें कतर में ‘फादर अमीर’ (Father Amir) के आदरणीय खिताब से नवाजा गया।

5. भारत-कतर संबंध: ऊर्जा सुरक्षा से लेकर प्रवासी भारतीयों का हित

भारत द्वारा कतर के पूर्व अमीर के निधन पर राष्ट्रीय शोक मनाना दोनों देशों के बीच के गहरे ऐतिहासिक, आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को रेखांकित करता है। इन संबंधों की मजबूती को निम्नलिखित स्तंभों के माध्यम से समझा जा सकता है:

  • ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security): भारत अपनी स्वच्छ ऊर्जा आवश्यकताओं, विशेष रूप से लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) के लिए कतर पर बहुत अधिक निर्भर है। कतर भारत को गैस की आपूर्ति करने वाला सबसे बड़ा स्रोत है। हाल ही में दोनों देशों के बीच ऊर्जा समझौतों को अगले कई दशकों के लिए नवीनीकृत किया गया है।
  • विशाल भारतीय समुदाय: कतर में लगभग 8 लाख से अधिक भारतीय प्रवासी रहते हैं। यह कतर में सबसे बड़ा विदेशी समुदाय है। भारतीय डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक और श्रमिक कतर के बुनियादी ढांचे के विकास में रीढ़ की हड्डी रहे हैं। शेख हमद के कार्यकाल में भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण को हमेशा प्राथमिकता दी गई।
  • रणनीतिक और रक्षा सहयोग: दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों को लेकर मजबूत रक्षा संबंध हैं। दोनों नौसेनाएं नियमित रूप से संयुक्त युद्धाभ्यास में भाग लेती हैं।

6. राष्ट्रीय शोक के दौरान लागू होने वाले प्रमुख नियम

जब भारत सरकार किसी विदेशी या घरेलू महान विभूति के सम्मान में राष्ट्रीय शोक घोषित करती है, तो गृह मंत्रालय के नियमों के तहत कुछ कड़े प्रोटोकॉल लागू हो जाते हैं। 13 जुलाई 2026 को पूरे देश में निम्नलिखित नियमों का पालन किया जा रहा है:

प्रोटोकॉल का विषय लागू होने वाले नियम / प्रतिबंध
राष्ट्रीय ध्वज की स्थिति देश के सभी सरकारी भवनों, राजभवनों और प्रमुख हवाई अड्डों पर तिरंगा आधा (Half-Mast) झुका रहेगा।
विदेशी दूतावास विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों और उच्चायोगों पर भी भारतीय ध्वज आधा झुकाया जाता है।
आधिकारिक कार्यक्रम सरकार की ओर से आयोजित होने वाले सभी सांस्कृतिक उत्सव, आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम और भव्य समारोह स्थगित रहते हैं।
मंत्रियों के दौरे आधिकारिक शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए विशेष प्रतिनिधिमंडल (जैसे किरेन रिजिजू का दौरा) का निर्धारण किया जाता है।

मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा आज इस राष्ट्रीय और वैश्विक शोक की प्रक्रिया का एक मुख्य गवाह बना हुआ है, जहाँ हर आने-जाने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्री को भारत की इस कूटनीतिक मर्यादा और गहरे कतर-भारत संबंधों की झलक देखने को मिल रही है। शेख हमद का जाना न केवल कतर के लिए, बल्कि भारत के लिए भी एक सच्चे कूटनीतिक मित्र का खोना है।


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