शासकीय हाई स्कूल डूमरडीह में शाला प्रवेशोत्सव सह साइकिल वितरण कार्यक्रम संपन्न, जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित
अम्बिकापुर के शासकीय हाई स्कूल डूमरडीह में सोमवार को एक गरिमामय वातावरण के बीच शाला प्रवेशोत्सव और साइकिल वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का आत्मीय स्वागत करने के साथ ही शासन की लोककल्याणकारी योजनाओं के तहत छात्राओं को निःशुल्क साइकिलें प्रदान की गईं।
शिक्षा सत्र के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला पंचायत सरगुजा की अध्यक्ष निरूपा सिंह थीं। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नवप्रवेशी विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाना और ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं की शिक्षा को सुगम बनाना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ की गई। इसके बाद विद्यालय परिवार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा मुख्य अतिथि का स्वागत किया गया।
नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत
परंपरागत गरिमा को बनाए रखते हुए मुख्य अतिथि निरूपा सिंह ने विद्यालय में पहली बार कदम रखने वाले नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का तिलक लगाकर और मुंह मीठा कराकर स्वागत किया। विद्यालय परिवार की ओर से विशेष रूप से कक्षा 9वीं के नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए स्वागत समारोह का आयोजन किया गया था। इस आत्मीय स्वागत से नए विद्यार्थियों में स्कूल के प्रति एक सकारात्मक और उत्साहपूर्ण दृष्टिकोण देखने को मिला।
मुख्य अतिथि ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन मानव जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को पूरी निष्ठा के साथ मन लगाकर अध्ययन करने, अनुशासित जीवन शैली अपनाने और अपने उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह सशक्त माध्यम है जिससे समाज और राष्ट्र की दिशा बदली जा सकती है।
प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं का किया गया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान केवल नए विद्यार्थियों का स्वागत ही नहीं हुआ, बल्कि विद्यालय के शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने वाले पुराने छात्र-छात्राओं की हौसलाअफजाई भी की गई। सत्र 2025-26 के दौरान कक्षा 9वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले और वर्तमान में कक्षा 10वीं के छात्र-छात्राओं को मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। इन मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप कॉपी, पेन और अन्य पाठ्य सामग्रियां प्रदान की गईं।
संस्थान का मानना है कि इस प्रकार के सम्मान से न केवल संबंधित छात्र का आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि विद्यालय के अन्य सहपाठियों में भी बेहतर प्रदर्शन करने की स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक भावना जागृत होती है। अध्यापकों ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर कक्षा 10वीं के इन बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य को गति देगी साइकिल वितरण योजना
इस गरिमामय कार्यक्रम के दूसरे मुख्य चरण में शासन की महत्वाकांक्षी साइकिल वितरण योजना के तहत विद्यालय की पात्र छात्राओं को साइकिलों का वितरण किया गया। मुख्य अतिथि और उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने अपने हाथों से छात्राओं को साइकिलों की चाबियां सौंपी। साइकिल पाते ही छात्राओं के चेहरे खिल उठे।
मंच से योजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए वक्ताओं ने कहा कि यह योजना ग्रामीण अंचलों की छात्राओं के लिए वरदान साबित हो रही है। दूर-दराज के गांवों से स्कूल आने वाली छात्राओं को परिवहन के साधनों के अभाव में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, जिससे कई बार उनकी पढ़ाई प्रभावित होती थी या ड्रापआउट की समस्या खड़ी हो जाती थी। साइकिल मिलने से अब विद्यालय तक उनकी सुगम पहुंच सुनिश्चित होगी और वे समय पर स्कूल आ सकेंगी। इससे उनके समय की बचत होगी और वे अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगी।
प्रवेशोत्सव के मुख्य उद्देश्य
छात्राओं और छात्रों का आत्मीय स्वागत कर स्कूल के प्रति भयमुक्त वातावरण का निर्माण करना और शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना।
साइकिल वितरण का प्रभाव
दूरी के कारण होने वाली स्कूल ड्रॉपआउट दर में कमी लाना और ग्रामीण छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने दिया प्रेरणादायी संदेश
डूमरडीह में आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। ग्राम पंचायत डूमरडीह की सरपंच बैजन्ती देवी, उपसरपंच बेचन यादव और पंच इरफान खान ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने अपने वक्तव्य में ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और पालकों को अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने की अपील की।
इसके साथ ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष हीरा सिंह और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक रमेश दास ने भी शिक्षा के महत्व पर प्रेरक विचार साझा किए। उन्होंने बच्चों से कहा कि शासन की ओर से मिलने वाली सुविधाओं का पूरा लाभ उठाएं और क्षेत्र का नाम रोशन करें। जनप्रतिनिधियों ने आश्वस्त किया कि पंचायत स्तर पर स्कूल की बेहतरी के लिए जो भी कार्य आवश्यक होंगे, उन्हें प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा।
प्राचार्य ने रखी बुनियादी जरूरत, जिला पंचायत अध्यक्ष ने दी स्वीकृति
कार्यक्रम के औपचारिक संबोधन के दौरान शासकीय हाई स्कूल डूमरडीह के प्राचार्य तनवीर अहमद ने विद्यालय की वर्तमान स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी एक महत्वपूर्ण मांग अतिथियों के समक्ष रखी। प्राचार्य ने बताया कि विद्यालय परिसर में बाउंड्री वॉल (चारदीवारी) न होने के कारण सुरक्षा संबंधी चिंताएं बनी रहती हैं और परिसर का रखरखाव प्रभावित होता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और संस्था की संपत्ति के संरक्षण के लिए बाउंड्री वॉल निर्माण की अत्यंत आवश्यकता बताई।
इस जायज मांग पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मुख्य अतिथि और जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह ने मंच से ही सकारात्मक आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालय में बाउंड्री वॉल का होना विद्यार्थियों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद जरूरी है। उन्होंने इस संबंध में आवश्यक प्रशासनिक पहल करने और बजट स्वीकृत कराकर निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूर्ण कराने की बात कही। जिला पंचायत अध्यक्ष के इस निर्णय का पूरे विद्यालय परिवार और ग्रामवासियों ने करतल ध्वनि से स्वागत किया।
विद्यालय स्टाफ का सराहनीय योगदान
कार्यक्रम को सुचारू और अनुशासित ढंग से संपन्न कराने में शासकीय हाई स्कूल डूमरडीह के शिक्षक स्टाफ का विशेष योगदान रहा। शिक्षक देवप्रसाद, गुरप्रीत बक्शी, कपूर सिंह पैकरा, अजय खरे और तुलसी कुमार धुर्वे ने व्यवस्थाओं को संभालने में अहम भूमिका निभाई। कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन व्याख्याता पूनम सिन्हा द्वारा किया गया, जिन्होंने अपनी प्रभावी वक्तृत्व शैली से कार्यक्रम की गरिमा को बनाए रखा। कार्यक्रम के अंतिम चरण में उपस्थित सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, पालकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।












