अयोध्या राम मंदिर ‘चढ़ावा चोरी’ विवाद: कांग्रेस का देशव्यापी आंदोलन, पीएम मोदी से मांगा जवाब






अयोध्या राम मंदिर ‘चढ़ावा चोरी’ मामला: कांग्रेस का देशव्यापी महा-आंदोलन, पीएम मोदी की चुप्पी पर उठाए सवाल

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राष्ट्रीय राजनीति / विशेष कवरेज

अयोध्या राम मंदिर ‘चढ़ावा चोरी’ विवाद: कांग्रेस का देशव्यापी मोर्चा, 50 प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री मोदी से तोड़ी चुप्पी की मांग

विशेष संवाददाता | नई दिल्ली | अपडेटेड: 2026

नई दिल्ली: अयोध्या के श्री राम मंदिर में कथित रूप से हुए चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं (चंदा चोरी) को लेकर देश का सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खिलाफ एक बड़ा देशव्यापी मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि करोड़ों रामभक्तों की आस्था के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात हुआ है, जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘रहस्यमयी चुप्पी’ कई गंभीर सवाल खड़े करती है।

देशभर में कांग्रेस की 50 प्रेस कॉन्फ्रेंस: सीधे निशाने पर पीएम मोदी

करोड़ों सनातनियों की आस्था से जुड़े इस संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने आक्रामक रुख अपनाते हुए पिछले चार दिनों में देश के विभिन्न शहरों और राज्यों की राजधानियों में 50 से अधिक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की हैं। इन पत्रकार वार्ताओं के जरिए पार्टी ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगा है और असली दोषियों को तुरंत जेल की सलाखों के पीछे भेजने की मांग की है।

कांग्रेस का कहना है कि जो प्रधानमंत्री खुद को भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (बिल्कुल बर्दाश्त न करने वाले) का मसीहा बताते हैं, वे पिछले एक महीने से इतने गंभीर मुद्दे पर पूरी तरह खामोश क्यों हैं? पार्टी के अनुसार, चूंकि प्रधानमंत्री ने खुद इस मंदिर परियोजना के निर्माण और उद्घाटन की राजनीतिक जिम्मेदारी ली थी, इसलिए इस मंदिर के भीतर हुई किसी भी अनियमितता के लिए वे सीधे तौर पर देश को जवाबदेह हैं।

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“अयोध्या के भगवान श्री राम मंदिर में भाजपा-आरएसएस द्वारा सुनियोजित तरीके से की गई चंदा चोरी और जनता के विश्वास के साथ हुए धोखे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की रहस्यमयी चुप्पी आखिर क्या दर्शाती है? वे चंदा चोरों की मदद पर क्यों उतारू हैं? देश सवाल पूछ रहा है कि भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ का दावा करने वाले प्रधानमंत्री इस गंभीर मुद्दे पर पिछले एक महीने से मौन क्यों हैं? जनता इस विश्वासघात के लिए उनसे जवाब मांग रही है। प्रधानमंत्री जी, मौन तोड़िए, जवाब दीजिए!”
— जयराम रमेश, महासचिव (संचार), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

‘चंदा चोरी, आस्था से धोखा’ — कांग्रेस का ‘महापाप’ का आरोप

कांग्रेस प्रवक्ताओं और शीर्ष नेताओं का आरोप है कि यह सिर्फ पैसों या वित्तीय हेराफेरी का मामला नहीं है, बल्कि यह दुनिया भर के उन करोड़ों रामभक्तों की भावनाओं पर सीधा आघात है जिन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई से मंदिर निर्माण के लिए दान दिया था। कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम को “महापाप” करार दिया है।

पार्टी की ओर से मांग की गई है कि इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराई जानी चाहिए। इसके साथ ही, जब से मंदिर के कपाट आम जनता के लिए खुले हैं, तब से लेकर अब तक आए सभी चढ़ावे और दान का एक स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए। कांग्रेस ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वर्तमान पदाधिकारियों पर भी सवाल उठाए हैं और मांग की है कि जांच प्रभावित न हो, इसके लिए ट्रस्ट का पुनर्गठन कर उसमें भाजपा-आरएसएस से जुड़े लोगों की जगह समाज के प्रतिष्ठित और निष्पक्ष नागरिकों को शामिल किया जाए।

भूपेश बघेल का तीखा हमला: “सदन में चर्चा मंदिर पर हो सकती है तो चोरी पर क्यों नहीं?”

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने भी इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने विधायी प्रक्रियाओं का हवाला देते हुए पूछा कि आखिर भाजपा इस मुद्दे पर चर्चा से क्यों भाग रही है?

भूपेश बघेल ने कहा, “श्री राम मंदिर निर्माण में हम सबने अपनी श्रद्धा के अनुसार दान दिया है। जब राम मंदिर बनकर तैयार हुआ, तो छत्तीसगढ़ विधानसभा में (भाजपा नेता) बृजमोहन अग्रवाल जी ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा था। वे अयोध्या से विधायक नहीं हैं, फिर भी सदन में इस पावन विषय पर विस्तृत चर्चा हुई थी। तो आज मेरा यह सवाल है कि जब मंदिर के निर्माण पर सदन में गर्व से चर्चा की जा सकती है, तो फिर वहां हुए चढ़ावे की चोरी पर चर्चा क्यों नहीं हो सकती?”

चुनावी गणित और धार्मिक स्थलों का मुद्दा: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा पर तीखा हमला जारी रखते हुए कहा कि इन लोगों की कारगुजारियां केवल अयोध्या तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि इन्होंने बद्रीनाथ और मथुरा जैसे अन्य पवित्र धार्मिक स्थानों के आसपास के मामलों को भी नहीं छोड़ा। उन्होंने दावा किया कि यही कारण है कि जनता ने भाजपा को अयोध्या (फैजाबाद लोकसभा सीट) में चुनाव हरा दिया, वे वाराणसी में बड़ी मुश्किल से (हारते-हारते) बचे और अब जनता मथुरा में भी इन्हें सबक सिखाने की तैयारी में है।

सड़क से संसद तक आंदोलन की तैयारी

उत्तर प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को लेकर ‘सदबुद्धि पदयात्रा’ और विरोध प्रदर्शन भी शुरू कर दिए हैं। यूपी कांग्रेस के नेताओं का आरोप है कि जब उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से मंदिर में दर्शन करने और सच्चाई सामने लाने की कोशिश की, तो प्रशासन द्वारा उनके नेताओं को नजरबंद या रोकने का प्रयास किया गया।

कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और अन्य नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि विपक्षी दल इस गंभीर मुद्दे को आगामी संसद सत्र में पूरी ताकत के साथ उठाएंगे। विपक्ष का साफ कहना है कि जब तक केंद्र सरकार इस जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं करती और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक कांग्रेस का यह देशव्यापी आंदोलन थमने वाला नहीं है।