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यूपी में 22 साल बाद मतदाता सूची का ‘विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण’ शुरू: 15 करोड़ वोटरों के लिए 9 दिसंबर को होगा प्रकाशन

उत्तर प्रदेश में 22 साल बाद ‘विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण’ शुरू: मतदाता सूची को शुद्ध बनाने की कवायद, भाजपा ने विपक्ष पर साधा निशाना

उत्तर प्रदेश में भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के निर्देशानुसार, मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी और समावेशी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण अभियान शुरू हो रहा है। राज्य में लगभग 22 वर्ष के लंबे अंतराल के बाद विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) का कार्य शुरू किया जा रहा है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने एसआईआर के द्वितीय चरण में देश के 12 राज्यों में यह कार्य करने का निर्णय लिया है, जिसमें उत्तर प्रदेश भी शामिल है।

एसआईआर की समय-सारणी और प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) का कार्य 28 अक्टूबर, 2025 (मंगलवार) से शुरू होगा। पूरी प्रक्रिया चरणों में पूरी की जाएगी:

चरण अवधि गतिविधि
तैयारी एवं प्रशिक्षण 28 अक्टूबर से 3 नवम्बर, 2025 एसआईआर से संबंधित तैयारी, प्रशिक्षण एवं गणना प्रपत्रों का मुद्रण किया जाएगा।
घर-घर गणना 4 नवम्बर से 4 दिसम्बर 2025 बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) द्वारा घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का मतदाताओं को वितरण किया जाएगा और उन्हें भरवाकर प्राप्त किया जाएगा।
आलेख्य प्रकाशन 9 दिसम्बर, 2025 सभी प्राप्त प्रपत्रों के आधार पर आलेख्य मतदाता सूची (Draft Electoral Roll) का प्रकाशन किया जाएगा।

इससे पहले, प्रदेश में यह विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण वर्ष 2003 में हुआ था।

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उत्तर प्रदेश की चुनावी मशीनरी

उत्तर प्रदेश, देश का सबसे बड़ा चुनावी राज्य है, जहाँ चुनावी मशीनरी अत्यंत विशाल है:

  • कुल मतदाता: लगभग 15.44 करोड़
  • मतदेय स्थल: 1,62,486
  • चुनावी अधिकारी: 75 जिला निर्वाचन अधिकारी, 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, 2,042 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और 1,62,486 बूथ लेवल अधिकारी (BLO) कार्यरत हैं।

भाजपा का समर्थन और विपक्ष पर हमला

एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने इस पहल का समर्थन करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा:

  • भूपेंद्र चौधरी का बयान: उनका कहना है कि एसआईआर से मतदाता सूची अधिक पारदर्शी होगी, प्रक्रिया निष्पक्ष होगी और जनभागीदारी बढ़ेगी।
  • विपक्ष पर आरोप: उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाने का एजेंडा चला रहा है।

एसआईआर की यह प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि न रहे और हर पात्र नागरिक का नाम सूची में शामिल हो सके।

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