निर्वासन में शेख हसीना का बड़ा ऐलान: अवामी लीग पर बैन हटाओ या बांग्लादेश चुनाव का बहिष्कार होगा; घर वापसी की रखी शर्त

निर्वासन में शेख हसीना का पहला इंटरव्यू: भारत से घर लौटने की इच्छा जताई, बांग्लादेश चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और अवामी लीग (Awami League) की प्रमुख शेख हसीना (78 वर्ष) ने पिछले वर्ष अगस्त महीने में हुए तख्तापलट के बाद निर्वासन में रहते हुए पहली बार मीडिया को इंटरव्यू दिया है। पिछले डेढ़ साल से भारत में शरण लिए हसीना ने दिल्ली से बांग्लादेश की राजनीति, आगामी आम चुनाव और अपने खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों पर खुलकर बात की है।

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM
  • निर्वासन: पिछले वर्ष बांग्लादेश में लगातार 15 वर्षों तक सत्ता में रहने के बाद उन्हें अपनी जान बचाकर भागना पड़ा था। वह डेढ़ साल से भारत में शरण लिए हुए हैं।
  • वर्तमान जीवन: उन्होंने कहा कि वह दिल्ली में आज़ादी से रहती हैं, लेकिन परिवार के अतीत को देखते हुए सतर्क भी रहती हैं।
  • घर लौटने की इच्छा: हसीना ने घर लौटने की इच्छा जताई है, लेकिन इसके लिए एक शर्त रखी है:

    “मैं निश्चित रूप से अपने देश लौटना चाहती हूं, लेकिन तभी जब वहां की सरकार वैध हो, संविधान का पालन हो और कानून-व्यवस्था कायम हो।”

अगले साल होने वाले आम चुनाव को लेकर शेख हसीना ने बांग्लादेश की वर्तमान यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार को बड़ी चेतावनी दी है:

  • अवामी लीग पर बैन: चुनाव आयोग ने मई में अवामी लीग का पंजीकरण निलंबित कर दिया था। यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार ने देश की सुरक्षा को खतरा और अवामी लीग के नेताओं के खिलाफ युद्ध अपराधों की जांच का हवाला देते हुए पार्टी की सभी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया था।
  • चुनाव बहिष्कार की अपील: हसीना ने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे आगामी आम चुनाव का बहिष्कार करें। उन्होंने चेतावनी दी है कि:

    “अगर अवामी लीग को 2026 के चुनाव में भाग लेने की अनुमति नहीं दी गई, तो करोड़ों समर्थक चुनाव का बहिष्कार करेंगे।”

    66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
    hotal trinetra
    gaytri hospital
    WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
    17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d
  • चुनावी वैधता का मुद्दा: हसीना ने कहा कि अवामी लीग के बिना बांग्लादेश में चुनाव कराना देश में “आगे और विभाजन के बीज बोएगा”। उन्होंने कहा कि अगली सरकार को चुनावी वैधता हासिल होनी चाहिए।

    “अगर आप एक कारगर राजनीतिक व्यवस्था चाहते हैं, तो आप लाखों लोगों को मताधिकार से वंचित नहीं कर सकते।”

मानवता के खिलाफ अपराधों का ट्रायल

शेख हसीना वर्तमान में बांग्लादेश में अपने खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों को लेकर गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही हैं:

  • आरोप: बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने 2024 के छात्र विरोध प्रदर्शनों पर हिंसक कार्रवाई को लेकर हसीना के खिलाफ मानवता के खिलाफ अपराधों का ट्रायल पूरा कर लिया है। अभियोजकों ने आरोप लगाया है कि हसीना ने सुरक्षा एजेंसियों के जरिए विपक्षी कार्यकर्ताओं के अपहरण, टॉर्चर और गुप्त हिरासत का आदेश दिया था।
  • जाँच रिपोर्ट: संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक 15 जुलाई से 5 अगस्त 2024 के बीच हुई हिंसक कार्रवाई में करीब 1,400 लोगों की मौत हुई और हजारों लोग घायल हुए, जिनमें ज्यादातर सुरक्षा बलों की गोलीबारी से जख्मी हुए थे।
  • फैसले की उम्मीद: हसीना के केस पर फैसला 13 नवंबर को आने की उम्मीद है।
  • हसीना का खंडन: पूर्व प्रधानमंत्री ने आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से हिंसक बल प्रयोग या अन्य कथित अपराधों में शामिल नहीं थीं। उन्होंने इस कार्यवाही को “राजनीति से प्रेरित एक दिखावा” और आरोप लगाने वाले कंगारू अदालतों द्वारा लगाए गए आरोप बताया है, जिनमें दोषी का फैसला पहले से तय है।

हसीना ने कहा कि अवामी लीग पार्टी फिर से बांग्लादेश की राजनीति में वापसी करेगी, चाहे सत्ता में हो या विपक्ष में, क्योंकि “कोई एक व्यक्ति या परिवार देश का भविष्य तय नहीं कर सकता।”