भोपाल सेंट्रल जेल कॉलोनी में युवक ने लगाई फांसी | गांव के विवाद से परेशान होकर उठाया कदम | पिता बोले- पड़ोसी करना चाहते थे हत्या

भोपाल सेंट्रल जेल परिसर में युवक ने फांसी लगाई: पिता बोले- विवाद से बचाने भेजा था भोपाल, पड़ोसी बेटे की हत्या करना चाहते थे

भोपाल। भोपाल की सेंट्रल जेल कॉलोनी में मंगलवार दोपहर 22 वर्षीय अभिषेक ओझा ने फांसी लगाकर जान दे दी। अभिषेक, जेल प्रहरी बृजेश कुमार ओझा का भतीजा था और दो दिन पहले ही मौरेना जिले के सांगरोज गांव से भोपाल आया था।
बुधवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। परिवार ने आरोप लगाया कि गांव में भैंस से हुए मामूली विवाद के बाद पड़ोसी पिता-पुत्र ने अभिषेक को जान से मारने की धमकी दी थी। इसी खतरे से बचाने के लिए पिता ने बेटे को भोपाल भेजा था।

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गांव के विवाद से उपजा तनाव

पिता जगदीश ओझा ने बताया कि उनके पड़ोसी पूरन और राहुल (पिता-पुत्र) ने चार दिन पहले हुए झगड़े के बाद अभिषेक को धमकाया था। उनका कहना है कि “राहुल को हमारी भैंस ने हल्का-सा घायल कर दिया था। इस बात पर दोनों हथियार लेकर घर आए और अभिषेक को गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी।”

पिता ने आगे बताया — “बेटा फौज की तैयारी कर रहा था, उसका करियर खराब न हो इसलिए मैंने उसे भोपाल भेज दिया। लेकिन वह अंदर से डरा हुआ था। घटना के दिन वह अकेला था और तनाव में यह कदम उठा लिया।”

सुसाइड नोट नहीं मिला, पुलिस जांच में जुटी

घटना के समय अभिषेक के चाचा ड्यूटी पर थे। जब वे लौटे तो उन्होंने देखा कि अभिषेक पंखे से लटका हुआ था। गांधी नगर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस का कहना है कि परिवार के आरोपों और परिस्थितियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।