PM नरेंद्र मोदी का बिहार चुनाव पर बयान: “विकास ही आम मतदाताओं का मुद्दा”
सूरत (गुजरात) । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सूरत में बिहारी समुदाय को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जीत को भारत की राजनीति में महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि विकास ही आम लोगों का मुद्दा था, और इस बार वोट उसी दिशा में केंद्रित रहे।
मोदी के प्रमुख बयानों का सार
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“जब बिहार ने 100 वर्ष पूरे किए, तो न सिर्फ बिहार में बल्कि बाहर गुजरात में भी हमने इसका उत्सव गौरवपूर्ण रूप से मनाया।”
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“इस चुनाव में एनडीए की जीत और महागठबंधन की हार दोनों के वोटों में सिर्फ 10 % का अंतर था।”
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“मैं जानता हूँ कि वे (महागठबंधन) स्वदेशी, आत्मनिर्भर भारत जैसे शब्द नहीं बोल सकते क्योंकि उनकी प्राथमिकता राष्ट्र नहीं, जनता नहीं है।”
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“युवा उन लोगों को स्वीकार नहीं करेंगे जिनकी सोच युवाओं के उत्थान के लिए नहीं है।”
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“सभी क्षेत्रों और समाज के सभी वर्गों ने एनडीए को अभूतपूर्व समर्थन दिया। दलित प्रभावित क्षेत्रों में 38 %–34 % के अंतर से एनडीए विजयी रहा।”
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“देश की जनता ने एमएमसी (मुस्लिम लीग माओवादी कांग्रेस) को नकार दिया है। वे बहानेबाजी करते हैं—कभी EVM को, कभी चुनाव आयोग को दोष देते हैं।”
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“पिछले दो सालों में इन नेताओं ने बिहार में जातिवादी राजनीति फैलाई, लेकिन जनता ने उस जहर को पूरी तरह नकारा।”
निशाना राहुल-तेजस्वी पर
प्रधानमंत्री ने कहा कि “नीतीश कुमार का अपमान प्रतिदिन चलता था, भद्दी भाषा बनी थी।” उन्होंने भाजपा के प्रतिद्वंद्वियों राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को नाम लिए बिना कटाक्ष किया कि “वे जमानत पर घूम-घूमकर जातिगत राजनीति करते रहे।”
मौके का प्रभाव
मोदी का यह भाषण गुजरात के सूरत में बिहारियों के बीच हुआ, जहाँ उन्हें विशेष स्वागत प्राप्त हुआ। इस बयान ने बिहार चुनाव की राजनीतिक दिशा और युवाओं की सोच पर नया प्रकाश डाला है।










