गरियाबंद: निजी स्कूलों में मनमानी फीस वृद्धि पर रोक; कलेक्टर बी.एस. उइके ने दिए सख्त निर्देश






Gariaband News: Strict Guidelines for Private Schools

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गरियाबंद: निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम; फीस वृद्धि और बस सुरक्षा को लेकर कलेक्टर ने दी चेतावनी

गरियाबंद | 27 अप्रैल 2026 | रिपोर्ट: प्रदेश खबर नेटवर्क

गरियाबंद: कलेक्टर बी.एस. उइके और पुलिस अधीक्षक नीरज चंद्राकर ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में निजी विद्यालयों के प्रबंधन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में फीस वृद्धि, आरटीई (RTE) प्रवेश, विद्यार्थियों की सुरक्षा और परिवहन नियमों के कड़ाई से पालन हेतु सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए।

महत्वपूर्ण निर्देश:

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  • एक सत्र में अधिकतम 8 प्रतिशत से अधिक फीस वृद्धि नहीं की जा सकेगी।
  • सभी विद्यार्थियों की APAAR ID बनाना अनिवार्य।
  • विशेष दुकान से कॉपी-किताब खरीदने के लिए अभिभावकों पर दबाव डालना प्रतिबंधित।
  • परिवहन नियमों के उल्लंघन पर स्कूल की मान्यता होगी रद्द।

फीस विनियमन और आरटीई प्रवेश

कलेक्टर बी.एस. उइके ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय फीस विनियमन अधिनियम 2020 के तहत हर स्कूल में समिति का गठन अनिवार्य है। बिना अनुमति फीस बढ़ाने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई होगी। साथ ही, आरटीई के तहत पात्र बच्चों को प्रवेश देना अनिवार्य सुनिश्चित करने को कहा गया है ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

पुस्तकें, गणवेश और बुनियादी सुविधाएं

स्कूलों को निर्देशित किया गया है कि वे केवल एनसीईआरटी (NCERT) और सीबीएसई (CBSE) की निर्धारित पुस्तकों का ही उपयोग करें। गणवेश (Uniform) बार-बार बदलने पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, स्कूल परिसर में खेल मैदान, स्वच्छ पेयजल, छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय और फायर सेफ्टी ऑडिट को अनिवार्य किया गया है।

परिवहन सुरक्षा पर पुलिस अधीक्षक के कड़े तेवर

पुलिस अधीक्षक नीरज चंद्राकर ने कहा कि सभी स्कूल वाहनों की जानकारी संबंधित थाने में दर्ज होनी चाहिए। कलेक्टर ने चेतावनी दी कि परिवहन विभाग के 16 बिंदुओं के फिटनेस मापदंड पूरे न होने पर स्कूल बसों को चलने नहीं दिया जाएगा। बसों में सीसीटीवी, खिड़कियों में जाली, इमरजेंसी एग्जिट और वैध परमिट होना अनिवार्य है। वैन या छोटे वाहनों के ड्राइवरों का वेरिफिकेशन भी जरूरी है।

बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह धीर सहित जिले के निजी स्कूलों के प्राचार्य और संस्था प्रमुख उपस्थित रहे।