ग्वालियर कलेक्ट्रेट में भ्रष्टाचार पर बड़ी चोट: नामांतरण के बदले 20 हजार की रिश्वत लेते रीडर गिरफ्तार
ग्वालियर। ग्वालियर के कलेक्ट्रेट परिसर में उस समय हड़कंप मच गया जब आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। गोशपुरा वृत्त के तहसील कार्यालय में पदस्थ रीडर एवं सहायक ग्रेड-3 अनिल कुड़वारिया को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने एक प्लॉट के नामांतरण की फाइल को आगे बढ़ाने के एवज में फरियादी से रिश्वत की मांग की थी।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, फरियादी जितेंद्र पांडे ने रानीपुरा क्षेत्र में स्थित अपने 930 वर्गफीट के प्लॉट का विक्रय अपनी बुआ को किया था। इस प्लॉट के नामांतरण की प्रक्रिया के लिए उन्होंने तहसील कार्यालय में आवेदन किया था। फरियादी का कहना है कि उनका प्रकरण जुलाई 2025 से लंबित था और उसे जानबूझकर लटकाया जा रहा था।
शिकायतकर्ता ने बताया कि इससे पहले भी रीडर ने उनकी फाइल को दो बार गुम कर दिया था, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। जब तीसरी बार फाइल प्रक्रिया में आई, तो रीडर अनिल कुड़वारिया ने काम पूरा करने के एवज में 40 हजार रुपये की मांग की। रीडर ने यह दावा भी किया था कि यह राशि तहसीलदार के नाम पर मांगी जा रही है और इसमें उसका भी हिस्सा शामिल है।
EOW की बिछाई जाल और कार्रवाई
रिश्वत की मांग से परेशान होकर जितेंद्र पांडे ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक के पास लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद EOW ने मामले का सत्यापन किया। जांच में पाया गया कि आरोपी वाकई रिश्वत की मांग कर रहा था।
रणनीति के तहत, EOW ने ट्रैप की योजना बनाई। बुधवार, 10 जून 2026 को तय योजना के अनुसार, फरियादी रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 20 हजार रुपये लेकर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कार्यालय पहुंचा। जैसे ही रीडर अनिल कुड़वारिया ने घूस की राशि अपने हाथों में ली, पास ही तैनात EOW की टीम ने उसे दबोच लिया।
प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद पूरे कलेक्ट्रेट परिसर में सनसनी फैल गई। EOW की टीम ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। टीम अब यह जांच कर रही है कि इस भ्रष्टाचार के खेल में क्या कोई अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल था।
टीआई EOW शैलेंद्र सिंह कुशवाह ने मीडिया को बताया कि शिकायत के सही पाए जाने के बाद ही टीम ने रंगे हाथों पकड़ने की कार्रवाई की। इस मामले की विस्तृत जांच जारी है।
महत्वपूर्ण बिंदु:
- स्थान: गोशपुरा वृत्त, तहसील कार्यालय, कलेक्ट्रेट, ग्वालियर।
- आरोपी: अनिल कुड़वारिया (रीडर एवं सहायक ग्रेड-3)।
- रिश्वत की राशि: 20,000 रुपये (पहली किश्त), कुल मांग 40,000 रुपये।
- कार्रवाई करने वाली संस्था: आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW), ग्वालियर।
यह रिपोर्ट ग्वालियर क्षेत्र में व्याप्त प्रशासनिक भ्रष्टाचार पर एक और सवाल खड़ा करती है। आम जनता को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने और रिश्वत देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिस पर प्रशासन की सख्ती निरंतर जारी है।











