बलरामपुर: बदौली गांव में मनरेगा चेक डैम से बदली खेती की तस्वीर; किसान हुए मालामाल






Success Story: MGNREGA Check Dam transforms Badauli Village

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
c3bafc7d-8a11-4a77-be3b-4c82fa127c77 (1)


बलरामपुर: बदौली गांव के लिए ‘वरदान’ बना मनरेगा चेक डैम; जल संरक्षण से किसानों की आय में हुई भारी वृद्धि

बलरामपुर | 27 अप्रैल 2026 | रिपोर्ट: प्रदेश खबर नेटवर्क

बलरामपुर: जनपद पंचायत राजपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत बदौली आज जल संरक्षण और ग्रामीण विकास की एक प्रेरणादायक मिसाल बन चुका है। मनरेगा योजना के तहत यहाँ निर्मित चेक डैम ने पूरे गांव की तस्वीर बदल दी है। जो गांव कभी पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसता था, आज वह खेती-किसानी में आत्मनिर्भरता की नई गाथा लिख रहा है।

चेक डैम से हुए प्रमुख बदलाव:

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
  • भू-जल स्तर में सुधार, कुओं और हैंडपंपों में बढ़ा पानी।
  • 20 से 25 किसानों को सालभर मिल रही सिंचाई सुविधा।
  • एक फसल की जगह अब किसान ले रहे हैं साल में 2 से 3 फसलें।
  • पलायन पर लगी रोक, गांव में ही बढ़े रोजगार के अवसर।

खेती-किसानी में आत्मनिर्भरता की ओर कदम

पहले बदौली के किसान पूरी तरह वर्षा पर निर्भर थे। गर्मी आते ही खेत सूख जाते थे और ग्रामीणों को मजदूरी के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था। लेकिन जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में बने इस चेक डैम ने सिंचाई की समस्या को जड़ से खत्म कर दिया है। अब किसान केवल पारंपरिक धान ही नहीं, बल्कि गेहूं, मक्का, सरसों, अरहर, तरबूज और मौसमी सब्जियों की भी बंपर पैदावार कर रहे हैं।

“चेक डैम बनने के बाद खेती करना बहुत आसान हो गया है। हमारी आमदनी पहले से काफी बढ़ गई है और अब हम नई तकनीकों को अपनाने के लिए उत्साहित हैं।” – ईश्वर एवं कपिल, स्थानीय किसान

बढ़ा जीवन स्तर, रुका पलायन

आय बढ़ने से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आया है। अब उन्हें काम की तलाश में गांव छोड़कर बाहर नहीं जाना पड़ता। जल संरक्षण की इस पहल ने साबित कर दिया है कि अगर सही योजना और जन-भागीदारी हो, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया जा सकता है।