गरियाबंद: 53 ऑफग्रिड गांवों को ग्रिड से जोड़ने की तैयारी; ₹900 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट प्रेषित






Gariaband News: Electrification Plan for 53 Villages

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गरियाबंद: 53 ऑफग्रिड गांवों को परंपरागत बिजली से जोड़ने की तैयारी; 900 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार

गरियाबंद | 27 अप्रैल 2026 | ब्यूरो रिपोर्ट: प्रदेश खबर नेटवर्क

गरियाबंद: छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रिब्युशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) ने जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में बसे 53 गांवों के कायाकल्प की तैयारी शुरू कर दी है। वर्तमान में मैनपुर विकासखण्ड के 45 और गरियाबंद विकासखण्ड के 08 गांव सौर ऊर्जा (Off-grid) पर निर्भर हैं, जिन्हें अब परंपरागत ग्रिड से जोड़ने के लिए उच्च कार्यालय को 900 करोड़ 63 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है।

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कुल प्रभावित ग्राम 53 (मैनपुर: 45, गरियाबंद: 08)
प्रस्तावित बजट ₹900.63 करोड़
11 KV लाइन विस्तार 294.00 किलोमीटर
एल.टी. लाइन 117.61 किलोमीटर
ट्रांसफार्मर की संख्या 187 नग

वन्यजीव क्षेत्रों में बिछाई जाएगी भूमिगत केबल

कार्यपालन अभियंता ने बताया कि केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के 2023 के नियमों के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभ्यारण्य और संरक्षित क्षेत्रों में बिजली की लाइनें भूमिगत केबल (Underground Cable) के माध्यम से बिछाई जाएंगी। इसके लिए 33 केव्ही एवं इससे निम्न वोल्टेज की विद्युत लाइनों हेतु विभाग ने पत्र प्रेषित कर दिया है। यह प्राक्कलन विद्युत कंपनी के वर्तमान सेड्यूल ऑफ रेट 2025-26 के अनुसार तैयार किया गया है।

ओड़िशा सीमा पर कोदोमाली के लिए विशेष प्रयास

ओड़िशा राज्य से लगे देवभोग क्षेत्र के अंतिम छोर पर स्थित ग्राम कोदोमाली (ग्राम पंचायत साहेबिनकछार) को ग्रिड से जोड़ने के लिए ओड़िशा राज्य के विद्युत नियामक आयोग में अनुमति की प्रक्रिया चल रही है। वहां 11 केव्ही विद्युत लाइन के विस्तार हेतु अनुमति मिलते ही कार्य शुरू किया जा सकेगा।

प्रशासकीय और वन विभाग की अनुमति का इंतज़ार

दुर्गम क्षेत्रों में विद्युतीकरण के लिए अत्यधिक फंड और वन विभाग की क्लीयरेंस अनिवार्य है। प्रशासकीय स्वीकृति मिलते ही इन गांवों को सौर ऊर्जा से हटाकर स्थायी ग्रिड बिजली प्रदान की जाएगी, जिससे ग्रामीणों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।