गरियाबंद: 53 ऑफग्रिड गांवों को मिलेगी परंपरागत बिजली; ₹900 करोड़ का प्रस्ताव तैयार






Gariaband News: Electrification of 53 Off-grid Villages

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गरियाबंद: 53 गांवों में परंपरागत बिजली पहुँचाने की तैयारी; 900 करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रस्ताव प्रेषित

गरियाबंद: छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रिब्युशन कंपनी लिमिटेड ने जिले के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में बसे 53 गांवों को परंपरागत ग्रिड से जोड़ने की बड़ी योजना तैयार की है। वर्तमान में मैनपुर विकासखण्ड के 45 और गरियाबंद विकासखण्ड के 08 गांव सौर ऊर्जा (Off-grid) पर निर्भर हैं, जिनका संधारण क्रेडा विभाग द्वारा किया जा रहा है।

अनुमानित बजट

₹900.63 करोड़

कुल ट्रांसफार्मर

187 नग

11 KV लाइन

294.00 KM

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भूमिगत केबल के माध्यम से होगा विद्युतीकरण

कार्यपालन अभियंता ने बताया कि केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के विनियम 2023 के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभ्यारण्य जैसे संरक्षित क्षेत्रों में 33 केव्ही और उससे निम्न वोल्टेज की लाइनों के लिए भूमिगत केबल (Underground Cable) का उपयोग किया जाना अनिवार्य है। इसके लिए उच्च कार्यालयों को विधिवत प्रस्ताव भेज दिया गया है। प्राक्कलन की गणना वर्तमान सेड्यूल ऑफ रेट 2025-26 के आधार पर की गई है।

ओड़िशा सीमा से लगे गांवों के लिए विशेष पहल

देवभोग क्षेत्र के अंतिम छोर पर स्थित ग्राम कोदोमाली (पंचायत साहेबिनकछार) के विद्युतीकरण के लिए ओड़िशा राज्य से 11 केव्ही विद्युत लाइन की अनुमति मांगी गई है। कोदोमाली का प्रकरण फिलहाल ओड़िशा राज्य के विद्युत नियामक आयोग में अनुमति हेतु प्रक्रियाधीन है।

वन विभाग की अनुमति और बजट का इंतज़ार

इन गांवों को ग्रिड से जोड़ने के लिए अत्यधिक बजट और वन विभाग की क्लीयरेंस की आवश्यकता होगी। प्रशासकीय स्वीकृति और अनुमति मिलते ही इन दुर्गम क्षेत्रों में विद्युतीकरण का कार्य संभव हो सकेगा। इससे न केवल सौर ऊर्जा पर निर्भरता कम होगी, बल्कि ग्रामीणों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।