ED Expose Al-Falah University: दिल्ली ब्लास्ट (Delhi Blast) और फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल (Faridabad Terror Module) के मामले में फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी लगातार जांच एजेंसियों के रडार पर है। 18 नवंबर को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सुबह 5 बजे से अल-फलाह के मेन कैंपस सहित 25 ठिकानों पर बड़ी छापेमारी की। यह कार्रवाई विश्वविद्यालय, उसके ट्रस्टियों, संबंधित संस्थाओं और उनसे जुड़े व्यक्तियों के ठिकानों पर की गई।
छापा मारने के दौरान ईडी ने 48 लाख रुपये से अधिक नकद, कई मोबाइल, लैपटॉप, हार्ड डिस्क सहित कई इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं जब्त कीं। इसी कार्रवाई के दौरान विश्वविद्यालय के फाउंडर और चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया गया। उन्हें दिल्ली के साकेत कोर्ट ने ईडी की रिमांड में भेज दिया है।
लाल किला धमाका कनेक्शन की जांच
जांच का एक बड़ा पहलू यह है कि क्या अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय नेटवर्क का इस्तेमाल लाल किला कार धमाके में शामिल आतंकियों के लिए फंडिंग करने में हुआ था?
ईडी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या मनी लॉन्ड्रिंग का पैसा सीधे तौर पर आतंकी गतिविधियों के लिए उपयोग किया गया।
अल-फलाह द्वारा UGC मान्यता और NAAC रेटिंग में बड़ा फर्जीवाड़ा
कोर्ट में ईडी ने दावा किया कि यूनिवर्सिटी ने
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UGC मान्यता,
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NAAC रेटिंग,
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शैक्षणिक कागज़ात
को लेकर झूठे दावे किए।
ईडी के विशेष अभियोजक साइमन बेंजामिन के अनुसार, कई गवाहों ने पुष्टि की कि वित्तीय फैसलों में अंतिम निर्णय जवाद सिद्दीकी ही लेते थे।
छात्रों की फ़ीस और लोगों से ठगे गए पैसे का निजी उपयोग
जांच में सामने आया कि
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छात्रों से वसूली गई फीस
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फर्जी स्कीमों के नाम पर लोगों से ठगे गए पैसे
का इस्तेमाल निजी और व्यक्तिगत खर्चों में किया गया।
2018 से 2025 तक ₹415 करोड़ की कमाई – ED का खुलासा
ईडी की छापेमारी में मिले दस्तावेजों के अनुसार, अल-फलाह यूनिवर्सिटी ने पिछले 8 वर्षों में बंपर कमाई की है।
| वित्तीय वर्ष | घोषित कमाई |
|---|---|
| 2018–19 | ₹24.21 करोड़ |
| 2024–25 | ₹80.10 करोड़ |
| कुल (2018–2025) | ₹415.10 करोड़ |
एजेंसी का कहना है कि संस्था ने 1990 के बाद से “असाधारण वृद्धि” दिखाई, जबकि वास्तविक आय और संपत्तियों के बीच बड़ा अंतर पाया गया है।
ईडी के मुताबिक यह अंतर पैसे के हेरफेर और मनी लॉन्ड्रिंग की ओर संकेत करता है।










