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अयोध्या में 29 नवंबर को रामलला का अलौकिक श्रृंगार, चार समय भोग और पूजा क्रम

29 नवंबर: अयोध्या धाम में रामलला का अलौकिक श्रृंगार, चार समय का भोग और विशेष पूजा क्रम

अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या धाम में मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि, विक्रम संवत 2082 (29 नवंबर, शनिवार) को ब्रह्मांड नायक प्रभु श्री रामलला सरकार का शुभ व अलौकिक श्रृंगार संपन्न हुआ। प्रतिदिन की भांति आज भी रामलला को विशेष रूप से सुसज्जित किया गया और चारों समय भोग अर्पित किया गया।

रामलला को चार समय का भोग

रामलला को प्रतिदिन समयानुसार भोग लगाया जाता है—

  • सुबह बाल भोग
  • दोपहर राजभोग
  • शाम भोग आरती
  • रात्रि शयन भोग

सभी व्यंजन राम मंदिर की रसोई में परंपरागत तरीके से बनाए जाते हैं।

मौसम के अनुसार रामलला के वस्त्र

रामलला को मौसम और दिन विशेष के अनुसार वस्त्र पहनाए जाते हैं—

  • गर्मियों में हल्के और सूती वस्त्र
  • शीतकाल में स्वेटर और ऊनी परिधान

आज के अलौकिक श्रृंगार में विशेष पुष्प माला भी शामिल थी, जिसे प्रतिदिन की तरह दिल्ली से भेजा गया था।

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पूजा और आरती का पूरा क्रम

  • सुबह 6:30 बजे पहली आरती होती है।
  • भगवान को जगाने के बाद लेप, स्नान, श्रृंगार और वस्त्राभूषण का कार्य होता है।
  • दोपहर 12 बजे भोग आरती।
  • शाम 7:30 बजे संध्या आरती।
  • इसके बाद रात 8:30 बजे श्री रामलला का शयन होता है।
  • भक्तों के लिए दर्शन रात 7:30 बजे तक ही खुले रहते हैं।

अयोध्या धाम में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु रामलला के भव्य श्रृंगार और दिव्य आरती के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। 29 नवंबर का श्रृंगार विशेष रूप से भक्तों को मंत्रमुग्ध करने वाला रहा।


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