धान उपार्जन केन्द्रों में धान विक्रय प्रक्रिया बनी सुगम और पारदर्शी
सुविधाओं से किसानों को मिल रही बड़ी राहत, निमहा के किसानों ने की पारदर्शी व्यवस्था की सराहना
अम्बिकापुर, 07 दिसंबर 2025।छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान उपार्जन व्यवस्था को किसानों के अनुकूल, सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक सुधार किए गए हैं। इसका प्रत्यक्ष लाभ किसानों को मिल रहा है। सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत निमहा धान उपार्जन केंद्र में किसानों ने धान विक्रय प्रक्रिया में पारदर्शिता और बेहतर सुविधाओं की सराहना की है।
ग्राम पंचायत निमहा निवासी किसान दलपत साय ने बताया कि उनके पास 7 एकड़ कृषि भूमि है और इस वर्ष 112 क्विंटल रकबा स्वीकृत हुआ है। वे 30 क्विंटल धान लेकर केंद्र पहुंचे। उन्होंने कहा कि समिति से टोकन कटवाना इस बार बेहद आसान रहा और किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई। केंद्र पहुँचते ही नमी परीक्षण, गुणवत्ता जांच और आवश्यक औपचारिकताएँ तुरंत पूरी कर ली गईं। समय पर बारदाना उपलब्ध हो गया और तौल प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही।
श्री दलपत साय ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों के हित में लिए जा रहे फैसलों से किसान बड़ा लाभ महसूस कर रहे हैं। वर्तमान में प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी हो रही है और किसानों को ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से भुगतान मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। बढ़ी हुई आमदनी ने किसानों को आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर किया है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष उपार्जन केंद्रों में व्यवस्था और अधिक सुव्यवस्थित की गई है। टोकन वितरण, बारदाना उपलब्धता, तौल व्यवस्था, और भुगतान की प्रक्रिया सभी चरणों में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। जिला प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी और केंद्र संचालन की सुदृढ़ व्यवस्था के कारण धान खरीदी प्रक्रिया अधिक सहज, सुरक्षित और किसान हितकारी बन गई है।











