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साईं जलकुमार मसन्द ने स्व. सरस्वती बघेल के निधन पर व्यक्त की संवेदना, शंकराचार्य प्रवास के कारण शामिल नहीं हो सके

साईं जलकुमार मसन्द ने पथरी निवासी स्व. सरस्वती बघेल के निधन पर शोक व्यक्त किया। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती महाराज के पटना-जबलपुर प्रवास के कारण वे अंत्येष्टि में शामिल नहीं हो सके। बघेल परिवार से साईं मसन्द का वर्षों पुराना आत्मीय संबंध रहा है।

साईं जलकुमार मसन्द ने जताया शोक: स्व. सरस्वती बघेल जी के निधन पर व्यक्त की गहरी संवेदना

रायपुर, 07 दिसंबर 2025। ज्योतिर्मठ बद्रीनाथ के शंकराचार्य पूज्य स्वामीश्री अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती महाराज के साथ प्रवास पर रहे साईं जलकुमार मसन्द ने श्री अमित बघेल की माता स्व. सरस्वती बघेल के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है।

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साईं मसन्द ने बताया कि उन्हें दिवंगत सरस्वती बघेल जी के स्वर्गवास एवं अंतिम संस्कार की जानकारी प्राप्त हुई, किंतु पूज्य शंकराचार्य जी के पूर्व निर्धारित पटना एवं जबलपुर प्रवास कार्यक्रमों में शामिल रहने के कारण वे अंत्येष्टि में उपस्थित नहीं हो सके।

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साईं मसन्द ने बताया कि लगभग पच्चीस वर्ष पहले महात्मा गांधी जी के निज सेवक रहे पथरी निवासी स्वतंत्रता सेनानी स्व. दुर्गासिंह सिरमौर एवं उनके ताऊ स्व. डॉ. खूबचंद बघेल के परिवार से उनका गहरा आत्मीय संबंध रहा है। नियमित रूप से पथरी आने-जाने के दौरान दिवंगत सरस्वती बघेल, उनके पति स्व. रामकुमार बघेल, उनके ससुर स्व. जगन्नाथ बघेल सहित अनेक ग्रामीणों से वर्षों से आत्मीयता बनी रही है।

उन्होंने बताया कि पथरी में भाईदूज पर आयोजित होने वाले वार्षिक मातर मेला में उन्हें लगातार विशेष अतिथि के रूप में सम्मानित किया जाता रहा है। साईं मसन्द ने कहा कि “अमित का स्वभाव उन दिनों भी कुछ अलग दिखाई देता था।”

साईं जलकुमार मसन्द ने ईश्वर से प्रार्थना की कि
“ईश्वर स्व. सरस्वती बघेल जी की आत्मा को शांति एवं मोक्ष प्रदान करें तथा अपनी दिव्य शरण में स्थान दें।”
उन्होंने अंत में “ॐ शांति–शांति” का उद्गार व्यक्त किया।


 

Ashish Sinha

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