Ayodhya Ramlala Aarti 9 December: रामलला का भव्य श्रृंगार, चार समय भोग और पूर्ण आरती समय—जानें आज का पूरा विवरण

Ayodhya Ramlala Aarti Live Darshan 9 December: रामलला का भव्य श्रृंगार और चार समय का विशेष भोग


रामलला को लगता है चार समय भोग, 9 दिसंबर को हुआ भव्य श्रृंगार

अयोध्या धाम के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में विराजमान संपूर्ण ब्रह्मांड के स्वामी प्रभु श्री रामलला का अलौकिक श्रृंगार प्रत्येक दिन दिव्य और भव्य रूप में किया जाता है।
मौसम, ऋतु और समय के अनुसार रामलला को अलग-अलग वस्त्र एवं आभूषण धारण कराए जाते हैं।

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चार समय भोग—हर समय का विशेष महत्व

रामलला को प्रतिदिन चार समय भोग लगाया जाता है। हर भोग मंदिर की रसोई में पारंपरिक विधि से तैयार किया जाता है—
1️⃣ बाल भोग (सुबह) – दिन की शुरुआत इसी से होती है।
2️⃣ दोपहर भोग (12 बजे) – जिसके उपरांत भोग आरती की जाती है।
3️⃣ संध्या भोग (साढ़े 7 बजे आरती के बाद)
4️⃣ शयन भोग (रात 8:30 बजे) – इसके बाद रामलला को शयन करवाया जाता है।


श्रृंगार—हर दिन अलग वस्त्र और आभूषण

◾ गर्मियों में सूती व हल्के वस्त्र
◾ सर्दियों में ऊनी वस्त्र व स्वेटर
◾ दिल्ली से विशेष रूप से मंगाई गई फूलों की मालाएँ
◾ ऋतु के अनुसार बदलता वस्त्र और अलंकरण

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9 दिसंबर, पौष माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि, विक्रम संवत 2082, मंगलवार को भी रामलला सरकार का अद्भुत श्रृंगार किया गया।


रामलला की आरती और दर्शन का पूरा समय

🔸 पहली आरती – सुबह 6:30 बजे
यही आरती पूरे दिन के पूजन की शुरुआत करती है।
इस समय रामलला को जगाया जाता है, लेप लगाया जाता है और स्नान करवाकर दिव्य वस्त्र पहनाए जाते हैं।

🔸 दोपहर भोग आरती – 12:00 बजे

🔸 संध्या आरती – 7:30 बजे

🔸 शयन समय – रात 8:30 बजे
इसके बाद मंदिर में शयन क्रिया संपन्न होती है।

🔸 दर्शन का समय – शाम 7:30 बजे तक


अयोध्या में दिव्य दर्शन—रामलला का भव्य रूप

हर दिन लाखों भक्त अलग-अलग रूपों में रामलला के दर्शन करते हैं। मंदिर परिसर में वातावरण भक्तिमय और ऊर्जावान बना रहता है।