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Ayodhya Ramlala Aarti Live Darshan 13 December: पौष कृष्ण नवमी पर रामलला का दिव्य श्रृंगार, जानिए भोग-आरती का पूरा समय

Ayodhya Ramlala Aarti Live Darshan 13 December: पौष कृष्ण नवमी पर रामलला का दिव्य अलौकिक श्रृंगार, चार समय लगता है भोग

अयोध्या | 13 दिसंबर 2025 (शनिवार) श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र, अयोध्या धाम में विराजमान संपूर्ण ब्रह्मांड के नायक प्रभु श्री रामलला सरकार का पौष माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि, विक्रम संवत 2082 को भव्य एवं अलौकिक श्रृंगार संपन्न हुआ। प्रतिदिन की भांति आज भी रामलला ने भक्तों को दिव्य स्वरूप में दर्शन दिए।

चार समय होता है रामलला को भोग

रामलला को प्रतिदिन चार समय भोग अर्पित किया जाता है। हर भोग समय और ऋतु के अनुसार विशेष व्यंजनों से सुसज्जित होता है। ये सभी व्यंजन राम मंदिर परिसर स्थित पवित्र रसोई में शुद्धता और परंपरा के अनुसार तैयार किए जाते हैं।

  • प्रातः बाल भोग से दिन की शुरुआत
  • दोपहर 12 बजे भोग आरती
  • शाम 7:30 बजे संध्या आरती
  • रात्रि 8:30 बजे शयन आरती एवं शयन

ऋतु के अनुसार वस्त्र और श्रृंगार

रामलला को हर दिन और मौसम के अनुसार वस्त्र धारण कराए जाते हैं।

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  • गर्मी में हल्के एवं सूती वस्त्र
  • शीत ऋतु में ऊनी वस्त्र और स्वेटर
    आज शीतकाल को ध्यान में रखते हुए प्रभु को विशेष ऊनी वस्त्र पहनाए गए। श्रृंगार में प्रयुक्त पुष्पमालाएँ विशेष रूप से दिल्ली से मंगाई जाती हैं।

प्रातः 6:30 बजे होती है पहली आरती

रामलला की दिनचर्या प्रातः 6:30 बजे मंगला आरती से प्रारंभ होती है। भगवान को जगाने के बाद पूजन, लेप, स्नान एवं वस्त्र धारण की विधि संपन्न कराई जाती है। इसके बाद भक्तों के लिए दर्शन खुलते हैं।

दर्शन का समय

श्रद्धालु सुबह से रात्रि 7:30 बजे तक रामलला के दर्शन कर सकते हैं। इसके पश्चात शयन आरती के साथ मंदिर के पट बंद कर दिए जाते हैं।


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