छत्तीसगढ़ताजा ख़बरेंब्रेकिंग न्यूज़राजनीतिराज्यरायपुर
Trending

RTE में बड़ा बदलाव: निजी स्कूलों में अब पहली कक्षा से होगा प्रवेश, फीस न बढ़ने पर संचालकों का विरोध

छत्तीसगढ़ में RTE के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश अब नर्सरी और केजी वन नहीं, सीधे कक्षा पहली से होगा। 2011 से फीस में बढ़ोतरी न होने पर स्कूल संचालकों ने आपत्ति जताई।

रायपुर। प्रदेश में निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत निजी स्कूलों में बच्चों के प्रवेश की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। आगामी शिक्षा सत्र से बीपीएल एवं पात्र बच्चों का प्रवेश अब केवल कक्षा पहली से किया जाएगा। अब तक बच्चों का प्रवेश एंट्री क्लास (नर्सरी एवं केजी-वन) के साथ-साथ कक्षा पहली में भी होता रहा है, लेकिन शिक्षा विभाग ने एंट्री क्लास की व्यवस्था समाप्त कर दी है।

WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.27.06 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 8.56.40 PM (1)
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.09.46 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.06.54 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.17.22 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.12.09 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.19.42 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.04.25 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.31.09 PM
WhatsApp-Image-2026-01-04-at-3.52.07-PM-1-207x300 (1)
53037c58-1c56-477e-9d46-e1b17e179e86

शासन ने दी प्रशासकीय स्वीकृति

लोक शिक्षण संचालनालय ने RTE की धारा 12, खंड (1), उपखंड (ग) के तहत निजी स्कूलों में केवल कक्षा पहली में प्रवेश दिए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था, जिसे राज्य शासन ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके बाद शिक्षा विभाग ने प्रवेश नियमों में संशोधन लागू कर दिया है।

2011 से नहीं बढ़ी RTE फीस

RTE के तहत प्रवेशित बच्चों की फीस में अब तक एक भी बार बढ़ोतरी नहीं की गई है। वर्तमान में निजी स्कूलों को मिलने वाली प्रतिपूर्ति इस प्रकार है—

  • कक्षा 1 से 5:
    ₹7,000 प्रति छात्र प्रति वर्ष + ₹540 यूनिफॉर्म
  • कक्षा 6 से 8:
    ₹11,500 प्रति छात्र प्रति वर्ष + ₹1,000 यूनिफॉर्म
  • कक्षा 9 से 12:
    ₹15,000 प्रति छात्र प्रति वर्ष + ₹1,000 यूनिफॉर्म

प्राइवेट स्कूल संचालकों द्वारा 2011 से लागू फीस में वृद्धि की मांग कई बार की गई, लेकिन अब तक इसमें कोई संशोधन नहीं किया गया है।

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

स्कूल संचालकों का विरोध

छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने RTE के तहत प्रवेश प्रक्रिया में किए गए इस बदलाव का विरोध किया है।
उन्होंने कहा कि RTE में एंट्री क्लास से प्रवेश का प्रावधान है और प्रदेश के अधिकांश निजी स्कूलों में बच्चों का दाखिला नर्सरी या केजी-वन से ही होता है।

उनका कहना है कि कक्षा पहली में सीधे प्रवेश देने से बीपीएल बच्चों को पढ़ाई में कठिनाई, मानसिक दबाव और अन्य बच्चों से पिछड़ने की समस्या होगी, जिससे ड्रॉपआउट की संभावना बढ़ेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य शासन नर्सरी और केजी-वन की प्रतिपूर्ति राशि बचाने के लिए यह नियम ला रहा है, जिसका सीधा नुकसान बच्चों को होगा।

पहले भी बदला जा चुका है नियम

गौरतलब है कि RTE लागू होने के शुरुआती वर्षों में बच्चों का प्रवेश केवल कक्षा पहली में ही किया जाता था। निजी स्कूलों की मांग और बच्चों की शैक्षणिक कठिनाइयों को देखते हुए बाद में एंट्री क्लास से प्रवेश की व्यवस्था लागू की गई थी। अब एक बार फिर उसी पुराने नियम की ओर वापसी की जा रही है।


Ashish Sinha

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2026-01-04 at 4.02.37 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.36.04 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.39.12 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.44.45 PM (1)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!